Kyiv, (Ukraine): रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब और भी ज्यादा खौफनाक मोड़ लेता जा रहा है। यूक्रेन की राजधानी कीव पर रूसी सेना द्वारा किए गए भीषण ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद कई बहुमंजिला रिहायशी इमारतें आग की चपेट में आ गईं, जिससे पूरे इलाके में भारी तबाही मची है। हमले के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाएं एक्टिव हो गईं और बचावकर्मी युद्ध स्तर पर मलबा हटाने, लगी हुई भीषण आग को बुझाने और फंसे हुए निर्दोष लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे रहे।
शॉपिंग सेंटर और रिहायशी ब्लॉकों को बनाया निशाना
यूक्रेन की स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हवाई हमले के दौरान राजधानी कीव के कई हिस्सों में एक के बाद एक कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरा शहर दहल उठा। देखते ही देखते कुछ बहुमंजिला इमारतों में आग तेजी से फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रूस का एक आत्मघाती (सुसाइड) ड्रोन सीधे एक बड़े शॉपिंग सेंटर पर जा गिरा, जिससे वहां भयानक अग्निकांड हो गया। इसके अलावा, मिसाइलों और ड्रोनों के गिरने से रिहायशी ब्लॉकों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
नागरिकों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस अचानक हुए हमले में कई आम नागरिकों के हताहत होने और गंभीर रूप से घायल होने की खबरें सामने आई हैं। जान बचाने के लिए कई परिवारों को आधी रात को ही अपने घरों को छोड़कर तुरंत सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। इस हमले का सबसे बुरा असर शहर की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ा है; कीव के कई इलाकों में बिजली, पानी और सामान्य नागरिक सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे कड़ाके की ठंड में स्थानीय लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।
कीव में बना डर का माहौल, मेट्रो स्टेशन बने आसरा
रात भर बजने वाले हवाई हमले के सायरन (Air Raid Sirens) और लगातार हो रही बमबारी ने पूरी राजधानी में खौफ और डर का माहौल बना दिया है। अपनी जान बचाने के लिए हजारों लोग भूमिगत आश्रयों (Underground Bunkers) और मेट्रो स्टेशनों में शरण लेने को मजबूर हो गए। अग्निशमन दल (Fire Brigade) और आपातकालीन बचाव दल कई घंटों तक कड़ाके की ठंड और धुएं के बीच लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते रहे।
युद्ध का बढ़ता दायरा और मानवीय संकट
यह ताजा हमला रूस-यूक्रेन युद्ध में नागरिक बुनियादी ढांचे (Civilian Infrastructure) पर बढ़ते भारी दबाव को साफ तौर पर दिखाता है। युद्ध के नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी इमारतों और सार्वजनिक सुविधाओं को सीधे निशाना बनाए जाने से इस युद्ध का मानवीय संकट हर गुजरते दिन के साथ और गहरा होता जा रहा है। फिलहाल, यूक्रेनी अधिकारी इस हमले से हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन करने में जुटे हैं और अंतरराष्ट्रीय मंच पर रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाने व सैन्य समर्थन की अपील लगातार जारी है।
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