रांची। रांची विश्वविद्यालय (आरयू) प्रशासन ने नियमों का पालन न करने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों पर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने कुल 56 सेवानिवृत्त अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से साफ किया गया है कि इन सभी पेंशनधारकों द्वारा समय सीमा बीत जाने के बाद भी अब तक अपना जीवन प्रमाण पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा नहीं कराया गया है, जिसकी वजह से उनके पेंशन भुगतान की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा सका है।
नियमों का हवाला : वेरिफिकेशन के लिए जरूरी है लाइफ सर्टिफिकेट
इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय की जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) डॉ. स्मृति सिंह ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि सरकारी और विश्वविद्यालय के नियमों के तहत हर साल सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेंशन का लाभ सही और जीवित व्यक्ति तक ही पहुंच रहा है। साथ ही, इससे विश्वविद्यालय के वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड भी पूरी तरह अद्यतन (अपडेटेड) रहते हैं।
विश्वविद्यालय की भावुक अपील : सहकर्मी भी करें मदद
पेंशन रोके जाने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाने के साथ-साथ एक मानवीय अपील भी जारी की है। प्रशासन ने प्रभावित सभी 56 सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों से कहा है कि वे बिना किसी और देरी के अपना जीवन प्रमाण पत्र तुरंत विश्वविद्यालय के संबंधित विभाग में जमा कर दें, ताकि उनकी रुकी हुई पेंशन राशि को फिर से जारी किया जा सके।
इसके साथ ही, आरयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय के उन जागरूक और सक्रिय रिटायर्ड कर्मियों से भी विशेष सहयोग की गुहार लगाई है, जो इन प्रभावित 56 पेंशनधारकों के सीधे संपर्क में हैं। प्रशासन ने कहा है कि ऐसे सक्रिय साथी अपने पुराने सहकर्मियों को इस जरूरी दस्तावेज को जल्द से जल्द जमा करने के लिए प्रेरित करें और प्रक्रिया को पूरी कराने में उनकी मदद करें, ताकि बुजुर्ग पेंशनभोगियों को किसी भी प्रकार की मानसिक या आर्थिक असुविधा का सामना न करना पड़े।
आश्वासन : सर्टिफिकेट मिलते ही तुरंत बहाल होगी पेंशन
डॉ. स्मृति सिंह ने पेंशनभोगियों की चिंता को दूर करते हुए यह भी भरोसा दिलाया कि जैसे ही संबंधित सेवानिवृत्त कर्मी अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करेंगे, उनकी रुकी हुई पेंशन राशि बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक विलंब के तत्काल उनके खातों में भेज दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी रखा गया है ताकि किसी भी बुजुर्ग या पेंशनधारक को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और न ही किसी कठिनाई का सामना करना पड़े।



