Ranchi News: रांची में सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने समाहरणालय परिसर से सड़क सुरक्षा जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह विशेष जागरूकता अभियान 01 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक पूरे जिले में चलाया जाएगा। अभियान के तहत जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।

इस खबर को भी पढ़ें : जमशेदपुर में सड़क सुरक्षा माह–2026 का शुभारंभ, रथ को हरी झंडी

इस वर्ष राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का थीम “सीख से सुरक्षा” रखा गया है। इस थीम के माध्यम से नागरिकों को यह संदेश दिया जा रहा है कि यातायात नियमों की सही जानकारी और उनका पालन ही दुर्घटनाओं से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं आज जीवन और संपत्ति की क्षति का एक बड़ा कारण बन चुकी हैं। अगर लोग हेलमेट, सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा और नशे में वाहन न चलाने जैसे नियमों का पालन करें, तो बड़ी संख्या में जानें बचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों, स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और चौक-चौराहों पर जाकर सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेशों का प्रचार करेगा।

इस खबर को भी पढ़ें : बोकारो में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 का शुभारंभ, रथ को हरी झंडी

इस अवसर पर ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह, अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) राजेश्वर नाथ आलोक, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार सहित सड़क सुरक्षा से जुड़े कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।

आंकड़े बताते हैं चिंता की वजह

जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं।
वर्ष 2024 में रांची जिले में कुल 746 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 550 लोगों की मौत हुई और 465 लोग घायल हुए।
वहीं वर्ष 2025 में नवंबर तक कुल 747 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 504 लोगों की जान गई और 486 लोग घायल हुए।
इन आंकड़ों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा माह को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया है।

पूरे महीने होंगे विशेष कार्यक्रम

सड़क सुरक्षा माह-2026 के दौरान जिले में कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें एलईडी वैन के माध्यम से गांवों और शहरों में प्रचार, सड़क सुरक्षा चौपाल, स्कूल-कॉलेजों में “सावधानी की पाठशाला”, नियम पालन करने वालों का सम्मान, हेल्थ चेकअप कैंप, वाहन चालकों का प्रशिक्षण, प्रभात फेरी, नुक्कड़ नाटक और खेलकूद प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

इन कार्यक्रमों के जरिए हर वर्ग तक सड़क सुरक्षा का संदेश पहुंचाने की योजना है। जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम इस अभियान को सफल बनाने में जुटी हुई है।

लापरवाही पर नहीं होगी नरमी

ट्रैफिक पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह ने साफ कहा कि सड़क सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, ताकि दुर्घटनाओं में कमी आए और लोगों की जान सुरक्षित रह सके।

Share.
Exit mobile version