अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Ranchi News: रांची में जलाशयों को अतिक्रमण मुक्त करने की दिशा में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में शहर और जिले के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज़ी से चल रही है। इसी क्रम में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रांची मंजुनाथ भजन्त्री ने हटिया जलाशय, जिसे धुर्वा डैम के नाम से भी जाना जाता है, के आसपास के क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जलाशय के चारों ओर मौजूद अतिक्रमण की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अंचल अधिकारियों और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अवैध कब्जों के खिलाफ बिना देरी कार्रवाई की जाए। उपायुक्त ने कहा कि जलाशयों की मूल सीमा को राजस्व नक्शे के अनुसार चिह्नित करना प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का भ्रम या विवाद न रहे।
इस खबर को भी पढ़ें : झारखंड हाई कोर्ट ने 72 घंटे में रिम्स परिसर से अतिक्रमण हटाने का दिया आदेश
उपायुक्त ने सख्त शब्दों में कहा कि जलाशयों पर अतिक्रमण केवल भूमि का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर जल भंडारण क्षमता, पर्यावरण संतुलन और भूजल स्तर को प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन का लक्ष्य रांची के सभी प्रमुख जलस्रोतों—कांके डैम, हटिया डैम, धुर्वा डैम, गेतलसूद डैम, हरमू नदी, हिनू नदी और अन्य तालाबों—को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त करना है। इसके साथ ही इन जलाशयों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी काम किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अंचल अधिकारी, नगर निगम और अन्य संबंधित विभाग मिलकर संयुक्त अभियान चलाएं। अपर समाहर्ता को सभी अंचल अधिकारियों के लिए निरीक्षण रोस्टर तैयार करने को कहा गया, ताकि नियमित निगरानी बनी रहे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि एक बार अतिक्रमण हटने के बाद दोबारा कब्जा न हो, इसके लिए कड़ी निगरानी और आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाए जाएं।
उपायुक्त श्री भजन्त्री ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जलाशयों के आसपास किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न करें और जल संरक्षण अभियान में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने साफ कहा कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
यह पूरी कार्रवाई रांची को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रशासन का मानना है कि जलाशयों का संरक्षण ही शहर के भविष्य की जल सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव है।

