*इचापिड़ी में भूमि विवाद की जांच पर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी*
*जनप्रतिनिधियों को सूचना नहीं देने का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग*
कांके। कांके अंचल क्षेत्र के इचापिड़ी मौजा में भूमि विवाद से जुड़ी शिकायतों की जांच के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सूचना नहीं दिए जाने का मामला सामने आया है।
अंचल अधिकारी अमित भगत के निर्देश पर अंचल कर्मियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि का निरीक्षण किया तथा संबंधित लोगों से जानकारी लेकर भूमि से जुड़े तथ्यों का संकलन किया।
जांच प्रक्रिया को लेकर इचापिड़ी पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने कड़ी नाराजगी जताई है। मुखिया लाखो उरांव, पूर्व जिला परिषद सदस्य सह पंचायत समिति सदस्य ऐनुल हक अंसारी एवं उप मुखिया मोहम्मद गुफरान अंसारी ने आरोप लगाया कि इतने महत्वपूर्ण भूमि विवाद की जांच से पूर्व पंचायत के जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना नहीं दी गई।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को शामिल करने से पारदर्शिता बनी रहती और दोनों पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सामने आ सकती थी। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की अनदेखी कर जिस तरीके से स्थल निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई, उससे जांच की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने अंचल अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भूमि विवाद जैसे संवेदनशील मामलों में एकतरफा तरीके से कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि वे किसी भी पक्ष के समर्थन में नहीं, बल्कि दोनों पक्षों को न्याय दिलाने के पक्ष में हैं। इसके लिए आवश्यक है कि जांच प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संचालित हो और संबंधित सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिले।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि पूर्व में की गई जांच की पुनः समीक्षा करते हुए उनकी मौजूदगी एवं निगरानी में दोबारा जांच कराई जाए, ताकि भूमि विवाद से जुड़े वास्तविक तथ्यों का निष्पक्ष रूप से पता चल सके और दोनों पक्षों को न्याय मिल सके।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर इचापिड़ी पंचायत क्षेत्र में चर्चा का दौर जारी है। जनप्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी स्तर पर मनमाने तरीके से जांच या कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा निष्पक्ष जांच के लिए वे संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखेंगे।




