चैनपुर (गुमला): चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 9वीं कक्षा की छात्रा शिवानी कुमारी की मौत के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को चैनपुर अनुमंडल पुस्तकालय भवन में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों की आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से “चैनपुर अनुमंडलीय जागरूकता मंच” का गठन किया गया, जिसका उद्देश्य अनुमंडल क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए संगठित प्रयास करना है।
बैठक में मंच के पदाधिकारियों की घोषणा की गई। रघुनंदन प्रसाद, जेम्स रोजारियो तिग्गा एवं अल्बर्ट तिर्की को संरक्षक बनाया गया। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा को अध्यक्ष, अनिल लोहरा को सचिव, मनोहर बड़ाइक को कोषाध्यक्ष, अनूप संजय टोप्पो को उपाध्यक्ष, प्रमोद खलखो (उप प्रमुख) एवं प्लासीदियूस टोप्पो को उपसचिव तथा शिवम केशरी को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि 21 जुलाई को गुमला के उपायुक्त को विस्तृत ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन में चैनपुर अनुमंडल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, स्थायी एंबुलेंस की उपलब्धता, ऑक्सीजन, आवश्यक दवाओं की व्यवस्था, चिकित्सकों की नियमित उपस्थिति, रोस्टर ड्यूटी में पारदर्शिता तथा अन्य बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं को सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि ज्ञापन सौंपने के बाद एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में कोई सकारात्मक सुधार नहीं होता है, तो चैनपुर अनुमंडलीय जागरूकता मंच चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। इसके तहत लोकतांत्रिक तरीके से धरना, प्रदर्शन एवं अन्य जनआंदोलन किए जाएंगे।
मंच के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। उनका कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल चैनपुर अनुमंडल की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को शिवानी कुमारी जैसी दुखद घटना का सामना न करना पड़े।





