रांची : झारखंड में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए पुलिस की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी है। इसे लेकर 15 अक्टूबर को झारखंड पुलिस, सीआईडी और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों की बैठक प्रस्तावित है। बैठक में मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों की जांच में तकनीक के इस्तेमाल और संबंधित एप्लीकेशन के संचालन पर चर्चा होगी।
इस बैठक में आरिफ रिजवान और जावेद अंसारी को एप्लीकेशन के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जानी है। हालांकि, किस एप्लीकेशन पर प्रशिक्षण दिया जाएगा और झारखंड पुलिस इसे अपने कामकाज में किस तरह इस्तेमाल करेगी, इस बारे में बैठक में चर्चा की जाएगी।
MAPDRUGS और MANAS पर होगी चर्चा
एनसीबी ने नशीले पदार्थों से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए MAPDRUGS और MANAS जैसी डिजिटल पहल विकसित की हैं। MAPDRUGS की मदद से अवैध मादक पदार्थों की खेती से संबंधित भौगोलिक जानकारी जुटाई जाती है।
वहीं, MANAS के माध्यम से आम नागरिक नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध भंडारण, निर्माण और खेती से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं। इसके लिए 1933 हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध है।
बैठक में इन डिजिटल सुविधाओं के उपयोग और उनके जरिए मादक पदार्थों से जुड़े अपराधों पर नियंत्रण के तरीकों पर विचार किया जाएगा।



