रांची : राजधानी रांची में दुर्गा पूजा और विजयदशमी के बाद हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। त्योहार के दौरान शहर में वाहनों की आवाजाही बढ़ने और बड़े पैमाने पर आतिशबाजी होने के बाद वायु प्रदूषण चिंता का विषय बन गया है। पिछले कई दिनों से रांची का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 150 के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया जा रहा है।
21 अक्टूबर को रांची का AQI 163 दर्ज किया गया। जबकि 20 अक्टूबर को यह 141 था। यानी एक दिन में AQI में 22 अंकों की बढ़ोतरी हुई है। पिछले 10 दिनों के आंकड़ों के अनुसार, शहर का AQI 141 से 167 के बीच रहा है।
पिछले 10 दिनों से खराब बनी हुई है हवा
रांची में 12 अक्टूबर को AQI 151 दर्ज किया गया था। इसके बाद प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ा और 13 अक्टूबर को 160, 14 अक्टूबर को 164 और 15 अक्टूबर को 167 तक पहुंच गया।
इसके बाद 16 अक्टूबर को AQI 152, 17 अक्टूबर को 160, 18 अक्टूबर को 158 और 19 अक्टूबर को 150 दर्ज किया गया। वहीं, 20 अक्टूबर को AQI घटकर 141 हो गया था, लेकिन 21 अक्टूबर को फिर बढ़कर 163 पहुंच गया।
सांस के मरीजों की बढ़ सकती है परेशानी
हवा की गुणवत्ता खराब होने से अस्थमा, फेफड़ों और दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को परेशानी हो सकती है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस संबंधी बीमारी से जूझ रहे लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को धूल और धुएं वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाले मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है।
आतिशबाजी और वाहनों की बढ़ती संख्या का असर
दुर्गा पूजा के दौरान शहर के पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। सड़कों पर वाहनों की संख्या भी काफी बढ़ गई थी। इसके अलावा विजयदशमी और प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़े पैमाने पर आतिशबाजी हुई। इन गतिविधियों से प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।
वायु प्रदूषण के प्रभाव को समझाने के लिए कुछ अध्ययनों में इसकी तुलना सिगरेट के धुएं से की जाती है। एक उपलब्ध अनुमान के मुताबिक, रांची की हवा में प्रदूषण के संपर्क की तुलना प्रतिदिन करीब 2.4 सिगरेट पीने से की गई है। हालांकि, यह केवल सांकेतिक तुलना है।




