रांची। जन्माष्टमी को लेकर झारखंड पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। शुक्रवार को होने वाले पर्व के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़, दही-हांडी कार्यक्रम और अन्य आयोजनों को देखते हुए सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा ने सभी जिलों के एसपी और संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत करने को कहा है। संवेदनशील स्थानों की पहचान के साथ पिछले पांच वर्षों में हुई घटनाओं की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
मंदिरों में बढ़ेगी पुलिस गश्त
जन्माष्टमी पर आधी रात को होने वाली पूजा के दौरान मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिरों और आसपास के इलाकों में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी।
महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान रहेगा। कम रोशनी वाले स्थानों और छेड़खानी की आशंका वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।
सोशल मीडिया पर भी निगरानी
पुलिस की नजर सोशल मीडिया पर भी रहेगी। व्हाट्सएप, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर अफवाह, भड़काऊ या नफरत फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को अफवाह फैलने की स्थिति में उसके स्रोत का पता लगाकर तत्काल कार्रवाई करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जरूरी तैयारी रखने को कहा गया है।
दही-हांडी आयोजनों में सुरक्षा जरूरी
दही-हांडी कार्यक्रमों को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। जर्जर इमारतों, कम ऊंचाई वाली संरचनाओं या हाईटेंशन बिजली तारों के आसपास ऐसे आयोजन नहीं करने दिए जाएंगे।
डीजे और लाउडस्पीकर पर भड़काऊ गाने या नारे बजाने पर भी पुलिस की नजर रहेगी। इसके अलावा पर्व के दौरान अवैध शराब, प्रतिबंधित मांस की बिक्री और जुआ जैसी गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो और किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस बल पूरी तरह तैयार रहे।




