नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स’ का विमोचन किया। इस मौके पर पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति कार्यकाल को याद करते हुए उनकी सादगी, मार्गदर्शन और संघर्षों की सराहना की।
पीएम मोदी ने कहा कि यह किताब भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए एक महत्वपूर्ण विरासत साबित होगी। उन्होंने युवाओं से रामनाथ कोविंद के जीवन और संघर्षों से सीखने के लिए उनकी आत्मकथा पढ़ने की अपील की।
कोविंद की सादगी को किया याद
पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद की सादगी से जुड़े कई प्रसंग साझा किए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन में बैठकों के बाद कोविंद कई बार प्रोटोकॉल से अलग हटकर उन्हें कार तक छोड़ने आते थे।
पीएम ने यह भी याद किया कि राष्ट्रपति बनने के बाद जब रामनाथ कोविंद अपने पैतृक गांव परौंख पहुंचे, तो उन्होंने अपने शिक्षकों के पैर छुए और गांव की मिट्टी को नमन किया। पीएम मोदी ने इसे भारतीय संस्कार और संस्कृति का उदाहरण बताया।
बचपन के संघर्ष का भी किया जिक्र
पीएम मोदी ने रामनाथ कोविंद के बचपन की एक दुखद घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उनके घर में आग लगने के दौरान उनकी मां सामान बचाने की कोशिश करते हुए आग की चपेट में आ गई थीं और उनकी मौत हो गई थी। पीएम ने कहा कि कम उम्र में मां को खोना उनके लिए बेहद कठिन अनुभव रहा होगा।
वहीं रामनाथ कोविंद ने आत्मकथा के विमोचन को अपने लिए भावुक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि किताब में उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों और संघर्षों को विस्तार से साझा किया है।




