रांची: राजधानी में शुक्रवार को ईंधन की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल-डीजल पंपों पर अभूतपूर्व अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। हालांकि प्रशासन और पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन की ओर से ईंधन का पर्याप्त भंडार होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद अफवाहों और घबराहट के कारण शहर के लगभग सभी प्रमुख पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की मीलों लंबी कतारें लग गईं।
₹3 की बढ़ोतरी के साथ पेट्रोल ₹100 के पार
इस हंगामे की मुख्य वजह पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा कीमतों में की गई भारी बढ़ोतरी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के बढ़ते दामों और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी युद्ध के कारण तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसी के चलते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। इस बढ़ोतरी के बाद रांची में पेट्रोल की कीमत 97.86 रुपये से बढ़कर 100.86 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 92.62 रुपये से बढ़कर 95.76 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। नई दरें शुक्रवार सुबह छह बजे से ही प्रभावी हो गईं।
पंपों पर ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड, बोतल-गैलन लेकर पहुंचे लोग
जैसे ही लोगों को कीमतों में बढ़ोतरी और आने वाले दिनों में किल्लत होने की भनक लगी, सुबह छह बजे से ही लोग गाड़ियों के साथ पंपों पर उमड़ पड़े। कोकर, लालपुर, कडरू, करमटोली और बरियातू रोड स्थित पेट्रोल पंपों पर पैर रखने की जगह नहीं थी। लोग न सिर्फ अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवा रहे थे, बल्कि गैलन और बोतलों में भी पेट्रोल जमा करते दिखे।
इस अप्रत्याशित मांग का असर यह हुआ कि कई पंपों का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। करमटोली-जेल रोड और बरियातू के प्रमुख पेट्रोल पंप पूरी तरह ‘ड्राई’ होकर बंद हो गए, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई।
प्रशासन की अपील : घबराएं नहीं, आपूर्ति सामान्य है
शहर की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए रांची के उपायुक्त (DC) मंजूनाथ भजंत्री ने मोर्चा संभाला और जनता से संयम बरतने की भावुक अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उपायुक्त ने कहा, “लोग अफवाहों पर ध्यान न दें। अनावश्यक रूप से पेट्रोल का स्टॉक करने से पंपों पर दबाव बढ़ रहा है और दूसरों को परेशानी हो रही है।”
वहीं, झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता प्रमोद कुमार ने बताया कि जिन पंपों पर तीन दिनों का स्टॉक रहता था, वह लोगों की घबराहट के कारण एक ही दिन में समाप्त हो गया। एसोसिएशन ने आश्वासन दिया है कि तेल की गाड़ियां लगातार आ रही हैं और जल्द ही स्थिति पर काबू पा लिया जाएगा।



