फॉण्ट कनवर्टर NEW

पेसा कानून लागू, फिर भी गांव पिछड़े क्यों? साधु हो’ ने उठाए सवाल

Chaibasa News: गांवों के विकास और व्यवस्था सुधार को लेकर पेसा (PESA) कानून के लागू होने पर एक बार फिर सवाल खड़े किए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता साधु हो’ ने कहा है कि केवल कानून लागू कर देने से गांवों की स्थिति अपने आप नहीं

अपनी भाषा में पढ़ें

Chaibasa News: गांवों के विकास और व्यवस्था सुधार को लेकर पेसा (PESA) कानून के लागू होने पर एक बार फिर सवाल खड़े किए गए हैं। सामाजिक कार्यकर्ता साधु हो’ ने कहा है कि केवल कानून लागू कर देने से गांवों की स्थिति अपने आप नहीं सुधरती। इसके लिए समाज और व्यवस्था दोनों में बदलाव जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आदिवासियों के विकास का हवाला देकर बिहार से झारखंड को अलग किया गया था। राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज भी यह सवाल बना हुआ है कि जमीनी स्तर पर कितना सुधार हुआ है। इसी तरह कोल्हान क्षेत्र को बड़ा बताकर उसे तीन हिस्सों में बांट दिया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित तरक्की नजर नहीं आती।

इस खबर को भी पढ़ें : झारखंड में पेसा कानून की अधिसूचना जारी, जानें ग्राम सभा के नए अधिकार

साधु हो’ ने पंचायत व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गांवों का विकास नहीं हो रहा है, यह कहकर पंचायत चुनाव कराए गए। इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं और विकास में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि अब नेताओं द्वारा यह तर्क दिया जा रहा है कि सही कानून लागू नहीं होने के कारण विकास नहीं हो पा रहा था, इसलिए पेसा कानून लागू कराया गया।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि केवल पेसा कानून लागू होने से गांवों का समग्र विकास हो जाएगा। उनका मानना है कि यह सब केवल नेतागिरी है। नेता आते रहेंगे, चेहरे बदलते रहेंगे, लेकिन हालात जस के तस बने रहेंगे।

साधु हो’ ने कहा कि अगर वास्तव में व्यवस्था बदलनी है तो सबसे पहले हमें स्वयं को बदलना होगा। जब तक समाज जागरूक होकर अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक कोई भी कानून अकेले विकास नहीं कर सकता। उन्होंने ग्रामीणों से आत्ममंथन करने और संगठित होकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने की अपील की। उन्होंने अंत में कहा कि व्यवस्था में सुधार की शुरुआत जनता के सोच और व्यवहार से होती है, केवल कानून से नहीं।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram