पटना : बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर पेट्रोलिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया है। विजन-2030 के तहत एनएच समेत प्रमुख सड़कों पर हादसों में मृत्यु दर को 50 फीसदी तक कम करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके लिए बिहार पुलिस ने करीब 3 हजार किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों पर 119 पेट्रोलिंग वाहन तैनात किए हैं। औसतन हर 50 किलोमीटर के हिस्से में एक वाहन की तैनाती की गई है। इन वाहनों के संचालन के लिए 1560 पुलिसकर्मियों की व्यवस्था की गई है, ताकि 24 घंटे पेट्रोलिंग की जा सके।
हादसे में फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका
पेट्रोलिंग वाहनों को डायल-112 से भी जोड़ा जाएगा। सड़क दुर्घटना होने पर ये वाहन फर्स्ट रिस्पॉन्डर के रूप में काम करेंगे। दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने, हाईवे पर यातायात सुचारू रखने और अतिक्रमण हटाने जैसे कामों में भी इनकी मदद ली जाएगी।
4डी स्पीड रडार समेत कई उपकरण
पेट्रोलिंग वाहनों में 4डी स्पीड रडार लगाए गए हैं। इससे तेज गति से चलने वाले वाहनों की निगरानी और कार्रवाई में मदद मिलेगी। वाहनों में एविडेंस कैमरा के साथ ऑटोमेटिक ई-चालान की सुविधा भी दी गई है।
इसके अलावा दुर्घटना की स्थिति में तत्काल मदद के लिए गैस कटिंग मशीन, ट्रैफिक कोन, फोल्डेबल स्ट्रेचर समेत अन्य जरूरी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं।
दो चरणों में हुई वाहनों की तैनाती
बिहार पुलिस ने इन 119 वाहनों को दो चरणों में तैनात किया है। पहले चरण में 61 और दूसरे चरण में 58 पेट्रोलिंग वाहन लगाए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य हाईवे पर निगरानी बढ़ाने और दुर्घटना की स्थिति में जल्द सहायता पहुंचाना है।




