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पंकज कुमार दुबे की भजन संध्या से बोकारो में जगाई आध्यात्मिक लहर

Bokaro News: बोकारो जिले के अलुआरा गांव से संबंध रखने वाले पंकज कुमार दुबे संगीत और भक्ति जगत में अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं। एक गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाले पंकज जी के संगीत प्रेम की शुरुआत उनके घरेलू माहौल से

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Bokaro News: बोकारो जिले के अलुआरा गांव से संबंध रखने वाले पंकज कुमार दुबे संगीत और भक्ति जगत में अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं। एक गरीब ब्राह्मण परिवार में जन्म लेने वाले पंकज जी के संगीत प्रेम की शुरुआत उनके घरेलू माहौल से हुई। उनके दादा मदन मोहन दुबे ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया।

शिक्षा और पुरस्कार

पंकज दुबे ने रेडियो रांची से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और बाद में कोलकाता, प्रयाग और चंडीगढ़ के प्रतिष्ठित संस्थानों से संगीत रत्न, प्रभाकर और विशारद उपाधियां हासिल कीं। 2004 में उन्होंने डीएवी पब्लिक स्कूल में संगीत शिक्षक के रूप में कार्यारंभ किया और 2010 में अखिल भारतीय हंसराज भजन प्रतियोगिता में सम्मान प्राप्त किया।

पूर्व राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुति

उनकी उपलब्धियों में एक उल्लेखनीय क्षण तब आया, जब उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के समक्ष भजन प्रस्तुत किया। यह उनके लिए गर्व का विषय है।

भक्ति संगीत से समाज में जागरूकता

पंकज दुबे भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन के माध्यम से समाज को धर्म एवं संस्कृति से जोड़ रहे हैं। वे रामकथा, शिवकथा और श्रीकृष्ण कथा जैसे अनुष्ठानों में अपनी प्रस्तुति देते हैं। उनके शिष्य देश-विदेश के मंचों पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

भविष्य के सपने

पंकज कुमार दुबे का सपना है कि भक्ति संगीत के जरिए सत्य सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार हो और समाज धर्म के प्रति जागरूक बने।

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