Pakur News: पाकुड़ जिले में बीते कुछ महीनों से मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं लोगों के लिए बड़ी चिंता बन गई थीं। इसी बीच मंगलवार को पुलिस की विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने एक ऐसी कार्रवाई की, जिसने पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। मामला 7 नवंबर को अन्नपूर्णा कॉलोनी से चोरी हुई होंडा साइन बाइक से शुरू हुआ था, जिसकी शिकायत अमित कुमार ने दर्ज कराई थी।

तकनीकी इनपुट और लोकेशन ट्रैकिंग ने खोला पूरा जाल

SIT ने चोरी की गई मोटरसाइकिल की तकनीकी जांच शुरू की, जिसमें मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और क्षेत्रीय गतिविधियों से जुड़े कई इनपुट मिले। पुलिस ने इन आधारों पर कई ठिकानों पर छापेमारी की और आखिरकार गिरोह के तीन सदस्यों को दबोच लिया।
जांच के दौरान अपराधियों ने उन स्थानों की जानकारी दी, जहां चोरी की गई बाइकें छिपाई गई थीं। पुलिस जब वहां पहुंची तो 12 मोटरसाइकिलें बरामद हुईं—जिन पर अधिकतर मामलों में नंबर प्लेट तक नहीं लगी थी।

कौन हैं गिरोह के मास्टरमाइंड?

गिरफ्तार अपराधियों में रमजान अंसारी उर्फ ओखनू, अब्दुल सुभान अंसारी उर्फ मोटरू और लतीफ अंसारी शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि रमजान पर महेशपुर, शमशेरगंज और पाकुड़ थाना में पहले से कई मामले दर्ज हैं। पकड़े गए तीनों अपराधियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे चोरी की मोटरसाइकिलों को अलग-अलग इलाकों में बेचने की योजना बना रहे थे। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह कई वर्षों से इसी तरह चोरी करवाता और गाड़ियों के पार्ट्स तक बदल देता था।

बाइकें कैसे चोरी होती थीं? SIT ने खोला तरीका

जांच में यह भी सामने आया कि ये अपराधी प्रायः रात में ऐसे इलाकों को निशाना बनाते थे, जहां अंधेरा ज्यादा और गश्त कम होती थी। बाइक चोरी के बाद उसका नंबर प्लेट हटाकर उसे दूर जंगलों या खाली पड़े घरों में छिपाया जाता था। कुछ मोटरसाइकिलों को बेचने से पहले इनके पार्ट्स बदल दिए जाते थे ताकि पहचान मुश्किल हो जाए।

पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

इस पूरे अभियान में पाकुड़ नगर थाना प्रभारी बबलू कुमार, अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी मदन शर्मा, लिट्टीपाड़ा प्रभारी विनय कुमार, अभिषेक कुमार, बलवंत दुबे, जेना बालमुचु, शाहिद, सोनालाल पहाड़िया और संतोष मरांडी की टीम का अहम योगदान रहा। इन सभी ने कई दिनों तक अलग-अलग इलाकों में लगातार छापेमारी की और अंततः संगठित गिरोह को पकड़ने में सफलता पाई।

चोरी की गई बाइकें अब लौटेंगी अपने असली मालिकों के पास

एसपी ने बताया कि सभी बरामद मोटरसाइकिलों का सत्यापन पूरा हो चुका है और कुछ दिनों के अंदर गाड़ियों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस सफलता के बाद अब जिले में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर रोक लगेगी और पुलिस इसी तरह अन्य गैंगों के खिलाफ भी अभियान जारी रखेगी।

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