World News: दुनिया में जहां कई देश घटती आबादी की चुनौती झेल रहे हैं, वहीं पाकिस्तान बिल्कुल उलटी दिशा में भाग रहा है। देश की आबादी जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसे देखकर वहां के विशेषज्ञ खुद हैरान हैं। पाकिस्तान आज क्षेत्रफल में दुनिया का 33वां देश है, लेकिन आबादी के लिहाज से पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है। और बात यही तक नहीं रुकी- आने वाले कुछ सालों में हालात और बिगड़ेंगे।

5 साल में 30 करोड़, 2050 में 40 करोड़ की ओर बढ़ता आंकड़ा

फिलहाल पाकिस्तान की आबादी 24.15 करोड़ है। रिपोर्ट्स में साफ कहा गया है कि यह आंकड़ा अगले पांच साल में 30 करोड़ और 2050 तक 40 करोड़ को पार कर देगा। सबसे बड़ी वजह है- 3.6 की प्रजनन दर, जो भारत से लगभग दोगुनी है। यही तेजी आगे चलकर देश की पूरी संरचना को हिला सकती है।

शहरों पर दबाव, संसाधन घटे, क्लाइमेट चेंज ने मुश्किल बढ़ाई

कराची, लाहौर, पेशावर, क्वेटा… लगभग हर बड़े शहर की हालत यह है कि हल्की बारिश भी बाढ़ का रूप ले लेती है। रहने की सही व्यवस्था नहीं, खेती की जमीन घट रही है और क्लाइमेट चेंज का असर अलग से मुसीबत बना हुआ है। अब इतनी बड़ी आबादी के लिए न सही स्वास्थ्य व्यवस्था है, न शिक्षा, न रोजगार।

कुपोषित बच्चे, बेरोजगारी और मातृ-मृत्यु दर बढ़ने की चिंता

पाकिस्तान में पांच साल से कम उम्र के 40% बच्चे कुपोषित हैं। हर साल 11 हजार से ज्यादा महिलाएं प्रसव के दौरान जान गंवा देती हैं। बड़े होने पर यही बच्चे बेरोजगारी के संकट में फंसते हैं, जिससे समाज और अस्थिर होता है।

गर्भनिरोध के इस्तेमाल में कमी और कट्टरता बड़ी वजह

देश में गर्भ निरोधक उपायों का इस्तेमाल बेहद कम है। इसकी वजह धार्मिक कट्टरता मानी जाती है। कई लोग न सिर्फ गर्भनिरोध से इनकार करते हैं, बल्कि पोलियो की दवा तक का विरोध करते हैं, जिससे पाकिस्तान में आज भी पोलियो के मामले मिल जाते हैं। यही जड़ समस्या है जो आबादी को बेकाबू कर रही है और भविष्य में बड़ा सामाजिक संकट खड़ा कर सकती है।

Share.
Exit mobile version