Ranchi : झारखंड सरकार की स्थानीय प्रतिभाओं को आत्मनिर्भरता की राह पर अग्रसर करने की नीति को आगे बढ़ाते हुए रांची जिला प्रशासन ने उद्यमिता विकास पर एक दिवसीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन नगर निगम सभागार में किया गया, जिसका उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों को प्रोत्साहन देना, नवाचार को बढ़ावा देना और उन्हें रोजगार सृजन की दिशा में प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का संचालन जिला प्रशासन रांची और पलाश (JSLPS) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। रांची जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों ने इसमें भाग लिया। इस कार्यक्रम की लॉन्चिंग 15 मई 2025 को उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री द्वारा की गई थी।

कार्यक्रम की शुरुआत GMDIC द्वारा अतिथियों और प्रतिभागियों के स्वागत से हुई। उन्होंने प्रतिभागियों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (PMFME) और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के माध्यम से लाभार्थी वित्तीय सहायता लेकर अपने उद्यमों का विस्तार कर सकते हैं।

कार्यक्रम में छह सफल उद्यमी

  1. गॉडविन लकड़ा (Cake Walk Bakery)
  2. ओहामंती मिन्ज (आंवला प्रोडक्शन यूनिट)
  3. मिथिलानी (गृह मसाला उत्पादन इकाई)
  4. पुनीत मिन्ज (हनी प्रोडक्शन यूनिट)
  5. विमाया (Vimaya Bags)
  6. पुनम दीदी (आजीविका दीदी कैफे) 

कार्यक्रम के तहत कुल 215 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 100 उद्यमियों का चयन विभिन्न मानकों के आधार पर किया गया। इन चयनित उद्यमियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन सुविधा और वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा।

उप विकास आयुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि “उद्यमिता आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त माध्यम है। जिला प्रशासन का उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर रांची का निर्माण करना है।” उन्होंने यह भी बताया कि जिला प्रशासन और JSLPS मिलकर चयनित उद्यमियों को हर संभव सहयोग देंगे।

Potential Entrepreneurship Programme के तहत जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा देने की यह महत्वाकांक्षी पहल की गई है। इसका लक्ष्य रांची में एक समृद्ध उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र (Thriving Entrepreneurial Ecosystem) तैयार करना है।

इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएँ

  1. उद्योग जगत के विशेषज्ञों से इनक्यूबेशन एवं सलाह।
  2. कौशल विकास कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण।
  3. होनहार स्टार्टअप्स के लिए सीड फंडिंग के अवसर।
  4. को-वर्किंग स्पेस और व्यवसायिक संसाधनों तक पहुँच।
  5. नियमित नेटवर्किंग एवं निवेशक संपर्क कार्यक्रम।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड, नीति आयोग, आरसेटी, रूडसेटी और बैंकिंग संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे। नीति आयोग से प्रिया श्रुति और सृष्टि शंकर जबकि पलाश (JSLPS) से डीपीएम निशिकांत नीरज मौजूद रहे।

कार्यक्रम का समापन डीपीएम निशिकांत नीरज के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि यह पहल रांची के युवाओं और महिलाओं को उद्यमशीलता की दिशा में सशक्त बनाकर उन्हें “आत्मनिर्भर झारखंड” के निर्माण में भागीदार बनाएगी।

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