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‘वन नेशन, वन यूनिफॉर्म’ की तैयारी; अब पूरे देश में एक जैसी होगी पुलिस की वर्दी

New Delhi: भारतीय प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, ‘वन नेशन, वन यूनिफॉर्म’ (एक देश, एक वर्दी) की राष्ट्रीय अवधारणा के तहत अब

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New Delhi: भारतीय प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद बड़ा और दूरगामी कदम उठाया है। सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, ‘वन नेशन, वन यूनिफॉर्म’ (एक देश, एक वर्दी) की राष्ट्रीय अवधारणा के तहत अब देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस के लिए एक ही विशिष्ट रंग और डिजाइन की खाकी वर्दी तय करने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य वर्तमान में राज्यों के अनुसार खाकी के अलग-अलग शेड्स की जगह एक अंतरराष्ट्रीय मानक (Standard) रंग और पैटर्न निर्धारित करना है, ताकि समूचे देश में पुलिस की वर्दी बिल्कुल एक समान नजर आए।

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बदलेगा पुराना चलन

इस नए राष्ट्रीय प्रस्ताव के पूर्ण रूप से धरातल पर लागू होने के बाद, विभिन्न राज्यों में दशकों से चले आ रहे सफेद, नीले या अन्य गहरे रंगों की पुलिस यूनिफॉर्म का प्रचलन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सहित उन सभी राज्यों की पुलिस, जो अब तक अलग रंग या पैटर्न की पोशाक पहनती थीं, अब एक ही शेड की खाकी वर्दी में दिखाई देंगी। इस नीति की पृष्ठभूमि 28 अक्टूबर 2022 को तैयार हुई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यों पर इसे थोपने के बजाय व्यापक आंतरिक विचार-विमर्श और सर्वसम्मति के जरिए देश में एकरूप पहचान स्थापित करने का आह्वान किया था।

बीपीआरएंडडी की रिपोर्ट

प्रधानमंत्री के इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) ने सभी राज्यों से सुझाव मांगे और विभिन्न वर्दियों का एक विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन किया। इस गहन परीक्षण के बाद ब्यूरो इस निष्कर्ष पर पहुंचा कि आम जनता के मानस में पुलिस की वास्तविक पहचान सबसे अधिक खाकी रंग से ही जुड़ी हुई है। इसके अलावा अन्य रंग पहले से ही देश की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और अर्द्धसैनिक बलों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनती है। हालांकि इस संबंध में गृह मंत्रालय द्वारा अभी तक कोई औपचारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की गई है, लेकिन मानक शेड और अंतिम डिजाइन को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

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