Bhubaneswar: ओडिशा में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के बहुचर्चित पेपर लीक कांड में शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपियों के ठिकानों पर सघन छापेमारी शुरू कर दी है, ताकि धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) और इस घोटाले से जुड़े वित्तीय पहलुओं की गहराई से थाह ली जा सके। यह कार्रवाई ऐसे समय में हो रही है जब हाल ही में ओडिशा हाईकोर्ट ने इस घोटाले में शामिल 17 आरोपियों की जमानत याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है, जिससे इन आरोपियों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। इस पूरे मामले की मुख्य जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जा रही है।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी और आरोपियों की लंबी सूची
इन सभी आरोपियों को पिछले साल दिसंबर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और ओडिशा पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की विभिन्न सख्त धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अदालत ने बेहद कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि ये आरोपी सरकारी नौकरी के इच्छुक सीधे-सादे और योग्य उम्मीदवारों से लाखों रुपये ऐंठकर प्रश्न पत्र लीक करने जैसे गंभीर अपराध में संलिप्त थे।
अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह के भ्रष्ट कृत्यों से न केवल कड़ी मेहनत करने वाले योग्य उम्मीदवारों का मनोबल टूटता है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया से आम जनता का भरोसा भी उठ जाता है। न्यायमूर्ति सतपथी ने इस बात पर भी जोर दिया कि इन याचिकाकर्ताओं की कारगुजारियों के कारण ही ‘कंबाइंड पुलिस सर्विस एग्जामिनेशन-2024’ को दो-दो बार रद्द करना पड़ा था। यह इस बात का प्रमाण है कि पेपर लीक ने हजारों युवाओं के भविष्य को अधर में लटकाने के साथ-साथ राज्य की भर्ती प्रणाली की पवित्रता पर गंभीर दाग लगाए हैं।
इस मामले में आरोपितों की फेहरिस्त काफी लंबी है, जिसमें टी. अभिमन्यु डोरा, प्रियदर्शनी सामल, लोकनाथ साहू, श्रीकांत महाराणा, बिस्वजीत हरिचंदन, सागर कुमार गौड़ा, ताफिम अहमद खान, सुरेश चंद्र नायक, बिरंची कुमार नायक, निमाइन चरण साहू, अर्जुन नायक, बिस्वरंजन बेहरा, एपिली सीताराम, राम बाबू यादव, नीतीश कुमार, मुना मोहंती और अरबिंद दास जैसे नाम शामिल हैं। इन सभी पर भर्ती प्रक्रिया में सुनियोजित तरीके से धांधली करने के गंभीर आरोप हैं।
अक्टूबर में होगी दोबारा परीक्षा, वंचित उम्मीदवारों को भी मिलेगा मौका
इस बीच, राज्य में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ओडिशा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (OSSSC) के चेयरमैन रश्मि रंजन स्वैन ने हाल ही में घोषणा की है कि यह परीक्षा इसी साल अक्टूबर में दोबारा आयोजित की जाएगी।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के लिए आवेदकों की संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा तथा परीक्षा का पैटर्न और सिलेबस भी पूर्ववत ही रहेगा। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए यह भी साफ किया गया है कि जो योग्य उम्मीदवार पिछली बार प्रश्न पत्र लीक होने की वजह से परीक्षा में शामिल होने के अवसर से वंचित रह गए थे, उन्हें भी इस बार दोबारा परीक्षा में बैठने की पूरी अनुमति दी जाएगी।





