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स्ट्रीट लाइट योजना में घूसखोरी का खेल उजागर, जेई गिरफ्तार; जाने कहां?

Bhubaneswar: ओडिशा सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जगतसिंहपुर जिले के जनरल इलेक्ट्रिकल डिवीजन (जीईडी) में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर पर ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना

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Bhubaneswar: ओडिशा सतर्कता विभाग (विजिलेंस) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जगतसिंहपुर जिले के जनरल इलेक्ट्रिकल डिवीजन (जीईडी) में कार्यरत एक जूनियर इंजीनियर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी इंजीनियर पर ग्राम पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना का एस्टीमेट तैयार करने के बदले घूस मांगने का आरोप है।

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विजिलेंस विभाग के अनुसार, आरोपी जूनियर इंजीनियर सोमा दास को 8 मई को ग्राम पंचायत प्राधिकरण की ओर से स्ट्रीट लाइट परियोजना का एस्टीमेट तैयार करने के लिए आवश्यक दस्तावेज सौंपे गए थे। इसके बावजूद उन्होंने बिना किसी ठोस कारण के फाइल को लंबित रखा और कार्य को आगे नहीं बढ़ाया। आरोप है कि बाद में जूनियर इंजीनियर ने परियोजना की अनुमानित लागत 15 लाख रुपए का एक प्रतिशत यानी 15 हजार रुपए रिश्वत के रूप में मांग लिया। कई बार अनुरोध के बावजूद काम नहीं होने पर परेशान कार्यकारी अधिकारी ने ओडिशा विजिलेंस विभाग से शिकायत की और पूरे मामले की जानकारी दी।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने 19 जून को विशेष जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी सोमा दास को उनके कार्यालय कक्ष में शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने गवाहों की मौजूदगी में रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर जब्त कर ली। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी के कटक स्थित किराए के आवास और जगतसिंहपुर स्थित कार्यालय में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। आरोपी को हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे अदालत में पेश किए जाने की तैयारी की गई।

इसी बीच विजिलेंस विभाग ने एक अन्य कार्रवाई में कोरापुट जिले के कोटपाड़ा ब्लॉक के सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) सत्यनारायण सेठी के ठिकानों पर भी छापेमारी की। उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। तलाशी के दौरान अधिकारियों को दो फ्लैट, 14 एकड़ में फैले दो फार्महाउस, 49 भूखंड, करीब 940 ग्राम सोना, लगभग ढाई किलोग्राम चांदी, 5.48 लाख रुपए नकद, 60.92 लाख रुपए से अधिक की बैंक जमा राशि और एक बेनामी चारपहिया वाहन सहित करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता चला।

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विजिलेंस विभाग दोनों मामलों में आगे की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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