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राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब सख्ती, कोडरमा में सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन

कोडरमा। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उन सभी जिलों में, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरता है, जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन किया जाना है। इसी क्रम में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता द्वारा जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन किया गया।

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कोडरमा। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उन सभी जिलों में, जहां से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरता है, जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन किया जाना है। इसी क्रम में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता द्वारा जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स का गठन किया गया। इसके उपरांत उपायुक्त की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की प्रथम बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने टास्क फोर्स के सभी सदस्यों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण को हटाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी भारी अथवा वाणिज्यिक वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग के मुख्य मार्ग अथवा पक्के कंधे पर पार्क या खड़ा नहीं किया जाएगा। ऐसे वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग बे, ले-बाय अथवा वे-साइड अमेनिटी में पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त ने एनएचएआई के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से पुलिस को रीयल-टाइम अलर्ट, जीपीएस आधारित समय-चिह्नित फोटोग्राफिक साक्ष्य तथा एकीकृत ई-चालान जनरेशन प्रणाली विकसित की जाए।

बैठक में बताया गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग के राइट ऑफ वे क्षेत्र के भीतर किसी भी नए ढाबे, भोजनालय अथवा अन्य व्यावसायिक संरचना के निर्माण एवं संचालन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित निगरानी के लिए पुलिस एवं परिवहन विभाग के कर्मियों की हाईवे सर्विलांस टीम गठित करने को कहा। यह भी निर्णय लिया गया कि एनएचएआई के गश्ती वाहन अधिकतम 50 किलोमीटर के अंतराल पर उपलब्ध रहेंगे तथा सभी गश्ती वाहनों में वाहन ट्रैकिंग उपकरण अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। एनएचएआई द्वारा संचालित नवीन प्रणाली के अंतर्गत कैमरे, स्पीड डिटेक्टर तथा अन्य आधुनिक यातायात निगरानी प्रणालियों का उपयोग किया जाएगा। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि एनएचएआई एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रत्येक 75 किलोमीटर की दूरी पर ट्रक ले-बाय सुविधाओं के निर्माण हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त प्रत्येक राष्ट्रीय राजमार्ग खंड पर अधिकतम 75 किलोमीटर की दूरी पर बेसिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस एवं रिकवरी क्रेन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इन सुविधाओं को टोल प्लाजा, वे-साइड अमेनिटी अथवा निर्धारित चौकियों पर तैनात किया जाएगा ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में वे-साइड अमेनिटीज में न्यूनतम सुविधाएं जैसे विश्राम स्थल, भोजन सेवाएं, शौचालय, सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था एवं प्राथमिक उपचार सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया गया। साथ ही 500 मीटर की दूरी से स्पष्ट दिखाई देने वाले रेट्रो-रिफ्लेक्टिव संकेतक लगाने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी विजय कुमार सोनी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग वरुण, सहायक अभियंता एनएचएआई, संबंधित थाना प्रभारी, संबंधित अंचल अधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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