India News: मरुधरा की फिजाओं में इन दिनों ऐसी कनकनी घुली है कि लोग अलाव के बिना एक पल नहीं रह पा रहे हैं। राजस्थान के कई हिस्सों में तो हालात ऐसे हैं कि सुबह उठते ही खेतों में ओस की बूंदें नहीं, बल्कि बर्फ की सफेद चादर बिछी नजर आ रही है। मरुस्थलीय राज्य होने के बाद भी यहां का पारा गोते खाते हुए शून्य के नीचे पहुंच गया है। प्रतापगढ़ की बात करें तो वहां पारा शून्य से 2 डिग्री नीचे जा गिरा है, तो वहीं बाड़मेर जैसे गर्म इलाकों में भी तापमान -1 डिग्री दर्ज किया गया है।

राजधानी दिल्ली में टूटा 13 साल का रिकॉर्ड?

दिल्ली वालों के लिए भी यह सर्दी आफत बनकर आई है। मौसम विभाग की मानें तो इस सीजन में पहली बार दिल्ली में तापमान इतना नीचे गिरा है। पालम वेधशाला में तापमान 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 13 वर्षों का सबसे कम रिकॉर्ड है। आयानगर में तो पारा और नीचे गिरकर 2.9 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया है कि अगले दो दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में ‘येलो अलर्ट’ की स्थिति बनी रहेगी और बर्फीली हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।

चिल्ला-ए-कलां का कहर: जमने लगीं झीलें

पहाड़ों की तरफ देखें तो कश्मीर घाटी इस समय ‘चिल्ला-ए-कलां’ के सबसे कठिन 40 दिनों से गुजर रही है। श्रीनगर में शनिवार रात का पारा शून्य से 5.2 डिग्री नीचे रहा, जिसके चलते विश्व प्रसिद्ध डल झील के किनारे अब कांच की तरह जमने लगे हैं। शुष्क मौसम ने रात की ठंड को और भी ज्यादा खतरनाक बना दिया है।

प्रशासन की चेतावनी: रहें सावधान!

पंजाब और हरियाणा में भी पारा जमाव बिंदु के बिल्कुल करीब है। मौसम विभाग का कहना है कि 21 जनवरी तक मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन कड़ाके की ठंड बरकरार रहेगी। प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने और केवल बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। फिलहाल उत्तर भारत के लोग गर्म कपड़ों और अलाव के सहारे इस हाड़ कंपाने वाली ठंड का मुकाबला कर रहे हैं।

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