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रांची: झारखंड के ग्रामीण विकास विभाग में हुए बहुचर्चित टेंडर घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) मामले में आज एक और नया घटनाक्रम सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रडार पर चल रहे अधिशाषी अभियंता (Executive Engineer) सिद्धांत कुमार ने बुधवार को रांची सिविल कोर्ट स्थित PMLA की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि, सरेंडर करने के तुरंत बाद अदालत ने उन्हें बड़ी राहत देते हुए सशर्त जमानत मंजूर कर ली है।
इन शर्तों पर मिली है जमानत…
विशेष अदालत ने सिद्धांत कुमार को राहत तो दी है, लेकिन इसके साथ ही कई कड़े प्रतिबंध भी लगा दिए हैं। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, उन्हें एक लाख रुपये का निजी मुचलका भरना होगा। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट भी अदालत में जमा करना होगा, जिसका मतलब है कि वे कोर्ट की लिखित अनुमति के बिना देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकते। साथ ही, उन्हें जांच एजेंसी (ED) की पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
क्या है यह पूरा टेंडर घोटाला?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि ग्रामीण विकास विभाग में निविदा (टेंडर) जारी करने की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और वित्तीय अनियमितताएं की गईं। जांच एजेंसी के अनुसार, ठेके बांटने के लिए नियमों को ताक पर रख दिया गया। अफसरों और ठेकेदारों की आपसी मिलीभगत और तगड़ी ‘कमीशनखोरी’ के जरिए सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का चूना लगाया गया। इस मामले की गूंज झारखंड के सियासी और प्रशासनिक गलियारों में लंबे समय से है।
ED की चार्जशीट और ताबड़तोड़ कार्रवाई
इस महाघोटाले में ED अब तक कई रसूखदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर शिकंजा कस चुकी है। हाल ही में एजेंसी ने प्रमोद कुमार समेत कुल 14 आरोपितों के खिलाफ एक पूरक आरोप पत्र (Supplementary ChargeSheet) दाखिल किया था, जिसके बाद अदालत ने सभी नामजद आरोपितों को समन जारी कर हाजिर होने का आदेश दिया था।
गौरतलब है कि ED ने साल 2023 में पहली बार इस घोटाले को लेकर बड़ी कार्रवाई की थी, जिसमें कई अभियंताओं के ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल सबूत और दस्तावेज जब्त किए गए थे। इसके बाद 6 मई 2024 को भी कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया था। चार्जशीट दाखिल होने के बाद से अब तक कई आरोपित कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर को शर्तों के साथ जमानत मिल चुकी है। फिलहाल ED इस पूरे सिंडिकेट और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।

