फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

948 पंचायतों में खुलेंगे नए स्वास्थ्य उपकेंद्र, जानिए कब तक होगा पूरा काम

Ranchi : झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि 15वें वित्त आयोग की स्वास्थ्य मद में उपलब्ध राशि का कम से कम 50 प्रतिशत व्यय 15 अक्टूबर तक हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जब तक

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

Ranchi : झारखंड की मुख्य सचिव अलका तिवारी ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया है कि 15वें वित्त आयोग की स्वास्थ्य मद में उपलब्ध राशि का कम से कम 50 प्रतिशत व्यय 15 अक्टूबर तक हर हाल में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जब तक यह खर्च नहीं होगा, केंद्र से 1020.27 करोड़ रुपये की बकाया राशि का दावा नहीं किया जा सकेगा।

सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने इस दिशा में मिशन मोड पर काम करने का आदेश दिया। उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि इसके लिए स्पष्ट एक्शन प्लान तैयार करें, ताकि प्रगति पर निरंतर निगरानी रखी जा सके।

“जहां भवन बना है, वहां तुरंत शुरू हो स्वास्थ्य सुविधा”

मुख्य सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन स्थानों पर भवन का निर्माण पूरा हो गया है, वहां तुरंत स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जाएं। उन्होंने कहा कि दौरे के दौरान कई जगह देखा गया कि भवन तो बन गए हैं, लेकिन उनमें स्वास्थ्य सुविधा शुरू नहीं हुई है। उन्होंने निर्देश दिया कि जहां भी काम पूरा हो, वहां भुगतान करें, डाटा अपडेट करें और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए स्वास्थ्य केंद्रों को चालू करें।

इसके साथ ही उपायुक्तों को यह भी कहा गया कि जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग से तत्काल संपर्क करें और समस्याओं का समाधान कराएं। काम की गति तेज करने के लिए जिलों में प्रतिनियुक्त तकनीकी कर्मियों को उपायुक्तों के प्रत्यक्ष नियंत्रण में लाने का भी आदेश दिया गया।

948 पंचायतों में उपकेंद्र, 168 नए स्वास्थ्य केंद्रों की योजना

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि 15वें वित्त आयोग की राशि से 1344.08 करोड़ रुपये की लागत से पूरे राज्य में स्वास्थ्य ढांचा खड़ा किया जा रहा है। इसमें एचएससी (हेल्थ सब सेंटर), पीएचसी, सीएचसी, बीपीएचयू (ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट), यूएएएम (अरबन आयुष्मान आरोग्य मंदिर) और पीएम-अभीम (ABHIM) जैसे ढांचों का निर्माण शामिल है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डायग्नोस्टिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में और 168 नए स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण की योजना है, जिनमें सुदूरवर्ती और आदिम जनजाति इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी। सभी उपायुक्तों से 15 दिनों के भीतर स्थान चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।

अपर मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि 948 पंचायतों में स्वास्थ्य उपकेंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभुकों का केवाईसी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

बारिश से कार्य में विलंब

बैठक के दौरान उपायुक्तों ने मुख्य सचिव को जानकारी दी कि लगातार बारिश के कारण काम की रफ्तार कुछ धीमी हुई है, लेकिन 15 अक्टूबर तक स्वास्थ्य मद की 50 प्रतिशत राशि खर्च कर दी जाएगी।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram