Ranchi : झारखण्ड राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने मंगलवार को विधानसभा से पारित “झारखण्ड सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (विशेष छूट) विधेयक, 2025” को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है।

यह विधेयक झारखण्ड सरकार की उस महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत राज्य में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के माध्यम से औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने और निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लागू होने से झारखण्ड में व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक सरल और पारदर्शी हो जाएगी।

विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, राज्य में नए उद्यम स्थापित करने वाले उद्योगपतियों को विभिन्न सरकारी विभागों से मिलने वाली अनुमतियों और निरीक्षणों से विशेष छूट दी जाएगी। इसका उद्देश्य नौकरशाही जटिलताओं को कम करना और निवेशकों को एक सहज व अनुकूल व्यावसायिक माहौल प्रदान करना है

इसके साथ ही, राज्य सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम की सुविधा को भी मजबूत किया है। इस प्रणाली के तहत सभी आवश्यक लाइसेंस, पंजीकरण और स्वीकृतियां अब एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उद्यमियों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और उनका समय व संसाधन दोनों की बचत होगी।

सरकार का मानना है कि इस नए कानून के लागू होने से झारखण्ड में रोजगार सृजन, नए उद्योगों की स्थापना और निवेश को आकर्षित करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसायों और कुटीर उद्योगों को भी नई दिशा और प्रोत्साहन मिलेगा।

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से झारखण्ड आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों की सूची में अपनी पहचान बना सकता है। सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में एमएसएमई इकाइयों को कर राहत, भूमि आवंटन और वित्तीय सहायता के अतिरिक्त प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा सकते हैं।

राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह विधेयक अब लागू होने की प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है। उद्योग जगत ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम झारखण्ड की औद्योगिक प्रगति में मील का पत्थर साबित होगा।

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