फॉण्ट कनवर्टर NEW

NEET UG 2026 में किसान के बेटे अभिलाष ने हिंदी माध्यम से हासिल की AIR 11

Jaipur: NEET UG 2026 में राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पल्लू कस्बे के रहने वाले अभिलाष ने अखिल भारतीय रैंक (AIR) 11 हासिल कर बड़ी सफलता दर्ज की है। किसान परिवार से आने वाले अभिलाष ने हिंदी माध्यम से परीक्षा दी और 720 में से

NEET UG 2026: Abhilash AIR 11

अपनी भाषा में पढ़ें

Jaipur: NEET UG 2026 में राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के पल्लू कस्बे के रहने वाले अभिलाष ने अखिल भारतीय रैंक (AIR) 11 हासिल कर बड़ी सफलता दर्ज की है। किसान परिवार से आने वाले अभिलाष ने हिंदी माध्यम से परीक्षा दी और 720 में से 705 अंक प्राप्त किए। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने सीकर में रहकर तैयारी की और देशभर में अपनी पहचान बनाई। अभिलाष की यह उपलब्धि खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा मानी जा रही है।

Read more: NEET UG रिजल्ट में तमिलनाडु का शानदार प्रदर्शन, वेंकटपति वेलायुधम बने राज्य के टॉपर

उम्र कम होने से एक साल करना पड़ा इंतजार

अभिलाष ने बताया कि उनकी योजना पिछले वर्ष 12वीं के साथ ही NEET देने की थी, लेकिन उम्र कम होने के कारण वे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इसके बाद उन्हें एक साल का ड्रॉप लेना पड़ा। इसी वर्ष उन्होंने पहली बार परीक्षा दी और AIR 11 हासिल कर ली। उन्होंने बताया कि यह सफलता धैर्य और लगातार मेहनत का परिणाम है।

पहली परीक्षा रद्द हुई, फिर भी नहीं टूटा आत्मविश्वास

3 मई को आयोजित पहली NEET परीक्षा रद्द होने से अभिलाष भी निराश हुए थे। हालांकि उन्होंने अपनी तैयारी और आत्मविश्वास बनाए रखा। उन्होंने बताया कि पहली परीक्षा में भी उनके 705 अंक बन रहे थे और री-नीट में भी उन्होंने वही स्कोर हासिल किया। इससे उनकी तैयारी की निरंतरता और मजबूत आधार का पता चलता है।

शिक्षक की सलाह ने बदल दी दिशा

अभिलाष ने बताया कि उन्होंने 11वीं कक्षा से ही सीकर में रहकर पढ़ाई शुरू कर दी थी। उनके पिता खेती करते हैं और परिवार में करियर को लेकर मार्गदर्शन देने वाला कोई नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक ताऊजी ने डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित किया और सीकर जाकर कोचिंग करने की सलाह दी। यही फैसला उनकी सफलता की सबसे अहम कड़ी साबित हुआ।

रोज 5 से 6 घंटे की सेल्फ स्टडी की

अपनी तैयारी के बारे में अभिलाष ने बताया कि उन्होंने नियमित पढ़ाई पर सबसे अधिक ध्यान दिया। कोचिंग में पढ़ाए गए हर विषय का उसी दिन घर जाकर रिवीजन करते थे और सभी संदेह समय पर दूर करते थे। उन्होंने कभी क्लासरूम की पढ़ाई को हल्के में नहीं लिया। रोजाना 5 से 6 घंटे सेल्फ स्टडी उनके रूटीन का हिस्सा थी। उन्हें रात के समय पढ़ाई करना पसंद था और वे अक्सर रात 1 बजे तक अपने क्लास नोट्स दोहराते थे।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram