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New Delhi: नीट यूजी पेपर लीक मामले में जांच का ग्राफ तेजी से ऊपर जा रहा है। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने मुख्य आरोपी माने जा रहे शुभम खैरनार की सीबीआई कस्टडी पांच दिनों के लिए बढ़ा दी है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में गिरफ्तार बाकी पांच आरोपियों को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
कोर्ट में सीबीआई ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के आरोप में गिरफ्तार कुल छह आरोपियों को पेश किया। इनमें महाराष्ट्र, राजस्थान और हरियाणा से जुड़े आरोपी शामिल हैं। पेश किए गए नामों में नासिक निवासी शुभम खैरनार, जयपुर के मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, गुरुग्राम के यश यादव और महाराष्ट्र के अहिल्या नगर निवासी धनंजय लोखंडे शामिल रहे।
सीबीआई ने शुभम खैरनार की कस्टडी बढ़ाने की मांग करते हुए अदालत को बताया कि हाल ही में गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों के साथ उसका सामना कराना जरूरी है। एजेंसी का तर्क यह भी था कि इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को लेकर उससे आगे पूछताछ करनी होगी। इसके अलावा सीबीआई ने कहा कि जांच के क्रम में रिकवरी भी करनी है और इसके लिए शुभम खैरनार को महाराष्ट्र लेकर जाना पड़ेगा।
वहीं, सीबीआई ने अन्य पांच आरोपियों—मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे—को न्यायिक हिरासत में रखने की मांग की। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सभी पांच आरोपियों को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच, शुभम खैरनार के वकील ने सीबीआई की कस्टडी बढ़ाने की मांग का विरोध किया। बचाव पक्ष का कहना था कि सात दिनों की पूछताछ के दौरान सीबीआई को आखिर क्या मिला—यह बात एजेंसी को अदालत के सामने स्पष्ट करनी चाहिए।
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामला अब देशभर में चर्चा में है। गिरफ्तारी और पूछताछ का दायरा बढ़ने के साथ जांच एजेंसियां अब पूरा नेटवर्क और उससे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिशों में जुटी हैं।

