फॉण्ट कनवर्टर NEW

Advertisement
Advertisement

बिना रफ वर्क किए बन गए टॉपर, 100 सवालों के सही जवाब और अब सीधे FIR!

Ratlam: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का जुनून तो आपने देखा होगा, लेकिन रतलाम के एक परीक्षा केंद्र पर जो हुआ, उसने सबको हैरत में डाल दिया है। आबकारी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2024 में कुछ ऐसे ‘विलक्षण’ अभ्यर्थी सामने आए हैं, जिनका दिमाग सुपर कंप्यूटर

अपनी भाषा में पढ़ें

Advertisement

Ratlam: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने का जुनून तो आपने देखा होगा, लेकिन रतलाम के एक परीक्षा केंद्र पर जो हुआ, उसने सबको हैरत में डाल दिया है। आबकारी कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2024 में कुछ ऐसे ‘विलक्षण’ अभ्यर्थी सामने आए हैं, जिनका दिमाग सुपर कंप्यूटर की रफ्तार को भी मात दे रहा था। इन्होंने 2 घंटे के पेपर को मात्र 15 से 30 मिनट के भीतर हल कर लिया। नतीजा यह हुआ कि जब रिजल्ट आया, तो इनके अंक देखकर चयन मंडल के अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं।

मामला रतलाम पब्लिक स्कूल के परीक्षा केंद्र का है, जिसे मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने पहली बार केंद्र बनाया था। यहां परीक्षा देने वाले 12 अभ्यर्थियों ने ऐसा ‘कारनामा’ किया कि अब उन पर एफआईआर दर्ज हो गई है। जांच में सामने आया कि आशुतोष, विवेक, कुलदीप, सुभाष, रवि, दयाशंकर, अनिल, शैलेंद्र, अंकित, संजीत, पुष्पेंद्र और आशु नाम के इन छात्रों ने रिकॉर्ड समय में 100 सवाल हल कर दिए और बाकी डेढ़ घंटा चुपचाप अपनी सीट पर बैठे रहे।

CCTV फुटेज ने खोली पोल— हैरानी की बात यह है कि इन छात्रों ने गणित और तार्किक सवालों को हल करने के लिए एक बार भी पेन नहीं उठाया और न ही कोई रफ वर्क किया। सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच करने पर पता चला कि ये छात्र केवल कंप्यूटर स्क्रीन पर टिक कर रहे थे, जैसे इन्हें जवाब पहले से पता हों। मंडल ने जब इन छात्रों का पुराना रिकॉर्ड खंगाला, तो पता चला कि पिछली परीक्षाओं में इनके कभी 50 अंक भी नहीं आए थे, लेकिन इस बार इन्होंने 90 से 100 प्रतिशत के बीच स्कोर किया।

मददगार एक ही, तारीखें अलग— जांच में यह भी साफ हुआ कि इन सभी 12 आरोपियों की मदद किसी एक ही बाहरी व्यक्ति ने की है। हालांकि इनकी परीक्षाएं अलग-अलग तारीखों और शिफ्टों में थीं, लेकिन फर्जीवाड़े का पैटर्न बिल्कुल एक जैसा था। बता दें कि यह परीक्षा 9 सितंबर से 21 सितंबर 2025 के बीच आयोजित हुई थी, जिसमें करीब 1.10 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। फिलहाल, चयन मंडल की शिकायत पर पुलिस ने जालसाजी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि आखिर इस ‘सुपर कंप्यूटर’ दिमाग के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।

WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram