Mexico City, (Mexico): मेक्सिको की राजधानी मेक्सिको सिटी से इस वक्त सुरक्षा और मानवाधिकारों से जुड़ी एक बेहद बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सड़क पर उतरे शिक्षकों के संगठन CNTE के प्रदर्शन को रोकने के लिए दंगा पुलिस द्वारा अग्निशामक यंत्रों (फायर एक्सटिंग्विशर) से भारी धुआं और आंसू गैस छोड़ने की घटना ने देश में एक नई बहस छेड़ दी है। इस सख्त पुलिसिया कार्रवाई के बाद देश में शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार और सुरक्षा बलों की सख्ती को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि राजधानी के मुख्य ज़ोकालो (Zócalo) क्षेत्र की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी शिक्षकों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने इन कड़े उपायों का इस्तेमाल किया।

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वेतन वृद्धि और पेंशन सुधारों के खिलाफ मोर्चा

शिक्षक संगठन CNTE अपनी मुख्य मांगों, जिनमें सम्मानजनक वेतन वृद्धि, हालिया पेंशन सुधारों को वापस लेना और शिक्षा क्षेत्र में बेहतर कामकाजी शर्तें शामिल हैं, को लेकर सरकार के खिलाफ लंबे समय से मोर्चा खोले हुए है। ये शिक्षक मई महीने से ही इस बड़े विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार कर रहे थे। रणनीतिक रूप से, आगामी विश्वकप (World Cup) आयोजनों से ठीक पहले राजधानी में इस तरह का बड़ा मार्च निकालकर शिक्षक संगठन सरकार पर अपनी मांगों को लेकर अधिकतम दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।

बैरिकेड्स तोड़े, भारी धुएं के बीच मची अफरातफरी

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह शांतिपूर्ण मार्च उस वक्त हिंसक टकराव में बदल गया जब प्रदर्शनकारी शिक्षक ज़ोकालो क्षेत्र की सुरक्षा के लिए लगाई गई भारी धातु की मजबूत बैरिकेड्स को जबरन पार करने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख वहां तैनात दंगा पुलिस (Riot Police) ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। उग्र भीड़ को पीछे धकेलने और तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने भारी मात्रा में रासायनिक धुआं और आंसू गैस के गोले दागे, जिससे पूरे इलाके में अचानक दमघोंटू माहौल बन गया और अफरातफरी फैल गई। इस आमने-सामने के टकराव और धक्का-मुक्की में कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी आधिकारिक पुष्टि हुई है।

आगामी विश्वकप के चलते सरकार की बढ़ी चिंता

इस बड़े आंदोलन के बीच मेक्सिको सरकार देश और खासकर राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था व कानून व्यवस्था बनाए रखने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ऐसा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मेक्सिको में जल्द ही विश्वकप से जुड़े कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन होने वाले हैं। सरकारी अधिकारियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि लोकतांत्रिक देश में किसी भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन की पूरी अनुमति है, लेकिन सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्ज़ा करना, तोड़फोड़ और हिंसा को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आंदोलन के और ज्यादा भड़कने के आसार

CNTE मेक्सिको में पूर्व में हुए कई विवादित शिक्षा सुधारों के खिलाफ लगातार मुखर रहा है। राजधानी में हुआ यह ताजा और हिंसक प्रदर्शन सिर्फ एक स्थानीय विवाद मात्र नहीं है, बल्कि यह देश के शिक्षकों, वर्तमान सरकार और पुलिस प्रशासन के बीच गहरे अविश्वास की खाई को भी साफ तौर पर उजागर करता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सरकार ने समय रहते बातचीत के जरिए हालात को नियंत्रित नहीं किया, तो आने वाले दिनों में इस संवेदनशील मुद्दे पर देशव्यापी और बड़े आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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