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कोडरमा । राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) के संरक्षण में झारखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देश के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा के तत्वावधान में चलाए जा रहे नशाखोरी के विरुद्ध नशा मुक्ति अभियान (डौन) कार्यक्रम के तहत आज पहले दिन सोमवार को व्यवहार न्यायालय परिसर से एक जागरूकता रैली निकाली गई ।
उल्लेखनीय है कि यह नशा मुक्ति अभियान 5 जनवरी 2026 से शुरु होकर 12 जनवरी 2026 तक चलेगा । इस जागरूकता रैली में व्यवहार न्यायालय कोडरमा के न्यायिक पदाधिकारी, पैनल अधिवक्ता, पारा लीगल वोलंटियर एवं न्यायालय कर्मियों ने भाग लिया । यह जागरूकता रैली में कोडरमा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार रमाकान्त मिश्रा के नेतृत्व में निकाली गई जो व्यवहार न्यायालय से शुरु होकर कोडरमा बाज़ार के विभिन्न चौक चौराहों से होते हुए पुनः व्यवहार न्यायालय आकर समाप्त हुई ।
इस रैली में लोगों को जागरूक करने के लिए नशा मुक्ति का सन्देश देते हुए लोगो को जागरूक किया गया । इसके माध्यम से आमजन को नशा से दूर रहने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया गया। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओ, पारा लीगल वोलंटियर्स ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर नशा के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को सचेत किया। इस मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार रमाकान्त मिश्रा ने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज को भी कमजोर करता है।
न्यायिक पदाधिकारियों ने आम नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे नशा जैसी बुराइयों से दूर रहें और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं। कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार ने बताया कि झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार समाज में विधिक जागरूकता के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध लगातार अभियान चला रहा है।
पदयात्रा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकान्त मिश्रा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मनोरंजन कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार, न्यायालयकर्मी रणजीत कुमार सिंह, प्रियंका कुमारी, रवि कुमार, संतोष कुमार सिंह, एल ए डी सी एस के अधिवक्ता नवल किशोर, किरण कुमारी, राजेंद्र मंडल, अश्विनी शरण, अरुण ओझा, ललन चौधरी, पारा लीगल वॉलंटियर, न्यायालय कर्मियों सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश फैलाना और नशा मुक्त झारखंड की दिशा में लोगों को प्रेरित करना रहा।

