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मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना, 22 हजार हेक्टेयर भूमि को मिलेगी सिंचाई सुविधा

Ranchi/Dumka : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज दुमका जिला अंतर्गत रानेश्वर प्रखंड के मुरगुनी में सिद्धेश्वरी नदी पर निर्माणाधीन मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को शेष कार्यों को तेज गति

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Ranchi/Dumka : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज दुमका जिला अंतर्गत रानेश्वर प्रखंड के मुरगुनी में सिद्धेश्वरी नदी पर निर्माणाधीन मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को शेष कार्यों को तेज गति से पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के साथ निरीक्षण में विधायक आलोक कुमार सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार और सचिव प्रशांत कुमार उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना दुमका जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके पूर्ण होने से मसलिया तथा रानेश्वर प्रखंड के किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। योजना के माध्यम से 22,283 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे हजारों किसानों की खेती निर्बाध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है और इसी सोच के साथ सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार आधुनिक तकनीक आधारित सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मसलिया–रानेश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना बहुउद्देशीय साबित होगी। सिद्धेश्वरी नदी के पानी का अधिकतम सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए इसे जमीन पर उतारा जा रहा है। जहां यह परियोजना कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाएगी, वहीं अतिरिक्त जल को तालाबों और जलाशयों में डाइवर्ट कर जल संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पर्यटन संभावनाएं भी विकसित होंगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

परियोजना का निर्माण कर रही एल एंड टी कंपनी ने बताया कि कुल निर्माण कार्य का लगभग 80% हिस्सा पूरा हो चुका है। बैराज लगभग तैयार है और 15 गेटों में से 90% कार्य संपन्न हो चुका है। तीन में से एक पंप हाउस पूर्ण हो चुका है और दो पर तेजी से काम जारी है। कुल पांच डिलीवरी चैंबर में से तीन बन चुके हैं और शेष दो भी जल्द पूरे हो जाएंगे। कंपनी ने आश्वासन दिया कि अगले वर्ष जनवरी तक लगभग 6,400 हेक्टेयर भूमि पर भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई शुरू कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,313 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास नवंबर 2022 में किया गया था और तय समय सीमा में कार्य पूर्ण किया जाना चाहिए, ताकि इसे जल्द किसानों को समर्पित किया जा सके।

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