Patna: पटना सिटी के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले मंगल तालाब का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। लंबे समय तक उपेक्षा का सामना करने वाला यह ऐतिहासिक जलाशय अब आधुनिक पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से चल रही इस परियोजना के पूरा होने के बाद पटना सिटी को एक ऐसा सार्वजनिक स्थल मिलेगा, जहां इतिहास, आस्था और आधुनिक सुविधाओं का संतुलित संगम देखने को मिलेगा।
’21 करोड़ रुपये से हो रहा व्यापक विकास’
परियोजना के तहत पर्यटन संबंधी सुविधाओं के विकास पर लगभग 14 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि आसपास की आधारभूत और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए करीब 7 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अधिकांश संरचनाएं तैयार हो चुकी हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार बचा हुआ कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। लक्ष्य है कि मौजूदा वर्ष के अंत तक इस परिसर को आम लोगों के लिए खोल दिया जाए।
‘आधुनिक सुविधाओं के साथ बढ़ेगा पर्यटन’
पुनर्विकास के बाद मंगल तालाब राजधानी के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। यहां म्यूजिकल फाउंटेन, लेजर शो, बोटिंग, जॉगिंग ट्रैक, ओपन जिम, बच्चों के लिए प्ले एरिया, आकर्षक उद्यान, हरित क्षेत्र, आधुनिक लाइटिंग, बैठने की व्यवस्था, फूड कोर्ट, पार्किंग और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। परिसर में एक भव्य प्रवेश द्वार और ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज भी स्थापित किया जाएगा, जो इस स्थल की नई पहचान बनेगा।
‘धार्मिक आस्था और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ’
मंगल तालाब धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि सिखों के दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी अपने बाल्यकाल में यहां स्नान करने आते थे। इसी कारण तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह स्थल आस्था का प्रमुख केंद्र है।
परियोजना पूरी होने के बाद पटना सिटी में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन और छोटे कारोबारों को लाभ मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।




