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रांची: राजधानी रांची के पंडरा थाना क्षेत्र स्थित तेल मील गली में हुए सनसनीखेज फायरिंग कांड में पुलिस को नई कामयाबी हाथ लगी है। लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा मुख्य आरोपित सोनू यादव आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। रांची पुलिस की एक विशेष टीम ने फिल्मी स्टाइल में दबिश देकर सोनू को बिहार की राजधानी पटना के बिहटा इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपित पिछले कई महीनों से पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन इस बार पुलिस की सटीक रणनीति के आगे उसकी एक न चली।
55 लाख रुपये का वो खूनी बंटवारा…
यह पूरा मामला बीते 19 जनवरी का है, जब पंडरा इलाके में 55 लाख रुपये के बंटवारे को लेकर अपराधियों के बीच ठन गई थी। पैसों की इस रंजिश ने देखते ही देखते एक हिंसक मोड़ ले लिया। विवाद इतना बढ़ा कि सोनू यादव ने अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जिसमें आकाश सिंह और विकास सिंह को निशाना बनाया गया था। इस सरेआम गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) राकेश रंजन ने मामले की कमान संभाली और एक स्पेशल टीम का गठन कर जांच तेज कर दी थी।
कमल भूषण और संजय हत्याकांड से भी जुड़े हैं तार!
पुलिस की मानें तो सोनू यादव कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है, बल्कि उसका जुर्म की दुनिया में पुराना इतिहास रहा है। वह रांची के बेहद चर्चित जमीन कारोबारी कमल भूषण हत्याकांड और अकाउंटेंट संजय हत्याकांड जैसे बड़े और संवेदनशील मामलों में भी नामजद रहा है। यही वजह थी कि पुलिस को काफी समय से उसकी सरगर्मी से तलाश थी। पुलिस को अंदेशा है कि सोनू का क्रिमिनल नेटवर्क झारखंड के कई जिलों के साथ-साथ बिहार में भी फैला हुआ है।
गुप्त सूचना पर बिहटा में पुलिसिया दबिश
फरार होने के बाद सोनू यादव ने राज्य छोड़ दिया था ताकि वह पुलिस की राडार से दूर रह सके। इसी बीच एसएसपी राकेश रंजन को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि वह पटना के बिहटा में छिपा बैठा है। सूचना मिलते ही रांची पुलिस की स्पेशल टीम ने जाल बिछाया और छापेमारी कर उसे चारों तरफ से घेर लिया। गिरफ्तारी के बाद सोनू को कड़ी सुरक्षा के बीच रांची लाया गया है, जहां बंद कमरे में उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस पूछताछ के बाद न सिर्फ पंडरा फायरिंग कांड के कई और राज खुलेंगे, बल्कि यह भी साफ हो जाएगा कि इतने महीनों की फरारी के दौरान उसे किन सफेदपोशों या गैंगस्टर्स का बैकअप मिल रहा था।

