World News: अफ्रीकी द्वीप देश मेडागास्कर में सोमवार देर रात राजनीतिक संकट गहरा गया जब राष्ट्रपति आंद्रे राजोएलिना देश छोड़कर भाग गए। बताया जा रहा है कि यह कदम तब उठाया गया जब राजधानी एंटानानारिवो में युवाओं के विद्रोह ने हिंसक रूप ले लिया और सेना की कुछ टुकड़ियां भी प्रदर्शनकारियों के साथ आ मिलीं।

सत्तारूढ़ सरकार ने देश को स्थिर बनाए रखने के लिए सेना को सड़कों पर तैनात किया था, लेकिन यह बंदोबस्त भी काम नहीं आया। जेन-जेड (Gen-Z) युवा आंदोलन ने तेजी पकड़ ली, जिसके कारण राष्ट्रपति को अपनी सुरक्षा के लिए देश छोड़ना पड़ा।

रविवार को राजोएलिना ने दावा किया था कि देश में “सैन्य हस्तक्षेप की साजिश” चल रही है, लेकिन अगले ही दिन यह साजिश हकीकत बन गई। संसद में विपक्ष के नेता सितेनी रैंड्रियानासोलोनियाइको ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति रविवार रात को मेडागास्कर से रवाना हो गए। उन्होंने बताया कि “सेना की कुछ टुकड़ियों ने प्रदर्शनकारियों का साथ दे दिया था, जिससे हालात नियंत्रण से बाहर हो गए थे।”

राष्ट्रपति की फरारी और फ्रांसीसी संबंध

राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, राष्ट्रपति राजोएलिना रविवार को एक फ्रांसीसी सैन्य विमान से देश से निकले। फ्रेंच रेडियो RFI की रिपोर्ट के अनुसार, वह सैंटे मैरी हवाई अड्डे से रवाना हुए और उन्हें हेलीकॉप्टर के जरिए एक “कासा” विमान तक पहुंचाया गया। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में फ्रांसीसी सेना ने सहायता की।

हालांकि, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस पूरे मुद्दे पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की। मिस्र में शिखर सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि फ्रांस “मेडागास्कर की संवैधानिक व्यवस्था” को बनाए रखने के पक्ष में है, लेकिन युवाओं की “वाजिब चिंताओं” को भी नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता।

आंदोलन की जड़ें

मेडागास्कर में विरोध की शुरुआत 25 सितंबर को हुई थी। लोगों ने सबसे पहले पानी और बिजली की भारी कमी को लेकर प्रदर्शन किया था, लेकिन धीरे-धीरे यह आंदोलन भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कुशासन के खिलाफ बड़े विद्रोह में बदल गया।

देश के 60 प्रतिशत से अधिक युवा बेरोजगारी, खराब शिक्षा व्यवस्था और घटती जीवनशैली से परेशान हैं। सोशल मीडिया पर #RiseMadagascar और #GenZRevolt जैसे हैशटैग तेजी से ट्रेंड करने लगे। आंदोलनों में मुख्य रूप से 18 से 30 वर्ष के युवा शामिल हैं जिन्होंने प्रशासन पर “जनता के हितों की अनदेखी” करने का आरोप लगाया।

बदलता राजनीतिक परिदृश्य

यह विद्रोह अफ्रीका और एशिया के अन्य हिस्सों में चल रहे जन-असंतोष की श्रृंखला में नया अध्याय जोड़ता है। एक महीने पहले नेपाल में भी जेन-जेड युवाओं के नेतृत्व में प्रदर्शन होने के बाद प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। विश्लेषकों का मानना है कि यह “डिजिटल पीढ़ी” राजनीति में तेज़ी से बदलाव चाहती है और पारंपरिक सत्ता ढांचे को अस्वीकार कर रही है।

मेडागास्कर फिलहाल संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। सेना ने अस्थायी रूप से नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि नया अंतरिम नेतृत्व कौन संभालेगा। राजोएलिना के करीबी अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने “केवल सुरक्षा कारणों से” देश छोड़ा है, परंतु आधिकारिक रूप से इस्तीफा अभी नहीं दिया।

विशेषज्ञों का कहना है कि देश अगर जल्द स्थिर नहीं हुआ तो अंतरराष्ट्रीय सहायता और निवेश पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

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