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चीनी कंपनी से कमीशनखोरी में नपे इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति, मिली 5 साल की सजा

इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को चीनी कंपनी सिनोहाइड्रो से घूसखोरी मामले में 5 साल की सजा सुनाई गई है, साथ ही अवैध रकम का तीन गुना लौटाने का आदेश दिया गया है।
इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो
इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो

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Quito, Ecuador: इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को एक चीनी कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में दोषी करार देते हुए अदालत ने 5 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट के अनुसार, मोरेनो ने देश के एक बड़े हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट के निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट दिलाने के एवज में भारी कमीशन लिया था।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 73 वर्षीय लेनिन मोरेनो शुक्रवार को सुनवाई के दौरान अदालत में पेश हुए। शारीरिक रूप से चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण कोर्ट ने उनकी स्थिति को देखते हुए जेल भेजने के बजाय घर में ही नजरबंद (House Arrest) रखकर सजा काटने का निर्देश दिया है।

यह पूरा मामला उस समय का है जब मोरेनो, पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरिया की सरकार में इक्वाडोर के उपराष्ट्रपति पद पर थे। सरकारी वकीलों के अनुसार, 2008 से 2018 के बीच एक बड़ा भ्रष्टाचार नेटवर्क चल रहा था। इस सिंडिकेट ने चीनी कंपनी सिनोहाइड्रो से जुड़े प्रोजेक्ट की कुल लागत का लगभग 4 प्रतिशत हिस्सा घूस के रूप में वसूला था।

जांच अधिकारियों ने बताया कि इस कमीशन की रकम को नेशनल और इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन के जरिए अफसरों तथा मोरेनो समेत कई लोगों तक पहुंचाया गया। मामले में मोरेनो के अलावा उनकी पत्नी और बेटी को भी अदालत ने दोषी पाते हुए 30-30 महीने की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उनके दो भाइयों और एक जीजा को भी इस घोटाले में दोषी ठहराया गया है।

अदालत ने सभी दोषियों पर कड़ा वित्तीय जुर्माना लगाते हुए आदेश दिया है कि वे अवैध रूप से वसूली गई रकम का तीन गुना हिस्सा 90 दिनों के भीतर सरकारी खजाने में जमा कराएं।

यह घपला चीन की सिनोहाइड्रो कंपनी द्वारा बनाए गए कोका कोडो सिंक्लेयर हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट से जुड़ा है। कंपनी ने साल 2010 में लगभग 2 अरब डॉलर की लागत से इसका निर्माण कार्य शुरू किया था और 2016 में इसे सरकार को हैंडओवर कर दिया था। हालांकि, बाद में इस प्रोजेक्ट के डिजाइन और निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठते रहे।

लेनिन मोरेनो इक्वाडोर के तीसरे ऐसे पूर्व राष्ट्रपति बन गए हैं जिन्हें करप्शन केस में सजा हुई है। हालांकि, उन पर यह आरोप राष्ट्रपति बनने से पहले उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के दौरान का है। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरिया को 2020 में ब्राजील की कंस्ट्रक्शन कंपनी ओडेब्रेक्ट घूसकांड में 8 साल की सजा सुनाई गई थी, जो फिलहाल बेल्जियम में रहकर केस का सामना कर रहे हैं।

इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति जमिल माहुआद को 2014 में सरकारी धन के दुरुपयोग के केस में 8 साल की सजा मिली थी, जबकि पूर्व राष्ट्रपति अब्दाला बुकारम भी संगठित अपराध में दोषी ठहराए जा चुके हैं। मोरेनो 2007 से 2013 तक उपराष्ट्रपति रहे और 2017 में राष्ट्रपति चुने गए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनके अपने पूर्व सहयोगी राफेल कोरिया से रिश्ते बिगड़ गए थे।

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