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NSA के तहत गिरफ्तार सोनम वांगचुक: लेह से जोधपुर तक टाइट सिक्योरिटी

India News: लद्दाख में हालिया हिंसक प्रदर्शन और उसके बाद की घटनाओं के बीच सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें लद्दाख से दूर राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया

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India News: लद्दाख में हालिया हिंसक प्रदर्शन और उसके बाद की घटनाओं के बीच सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें लद्दाख से दूर राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया। यह कदम सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शन और हिंसा की गंभीरता को देखते हुए उठाया।

लद्दाख में हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 90 लोग घायल हुए। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने आरोप लगाया कि वांगचुक ने अपने भाषणों के जरिए भीड़ को भड़काया। हिंसक घटनाओं के बीच, वांगचुक ने अपना दो सप्ताह लंबा अनशन समाप्त किया था। प्रदर्शन के दौरान लेह में कर्फ्यू भी लगा दिया गया।

गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, वांगचुक ने अपने भाषणों में अरब स्प्रिंग और नेपाल जेन-जी विरोध प्रदर्शनों का हवाला दिया, जिससे युवाओं में आक्रोश बढ़ा और स्थानीय बीजेपी कार्यालय तथा कुछ सरकारी वाहन आग के हवाले कर दिए गए।

सोनम वांगचुक को 10 सितंबर को शुरू की गई अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के कारण भी जाना जाता है। इस हड़ताल में वे लद्दाख के लिए संवैधानिक गारंटी, अधिक स्वायत्तता, राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का दर्जा मांग रहे थे।

गिरफ्तारी के बाद वांगचुक को जोधपुर एयरपोर्ट से सख्त सुरक्षा घेरे में जेल तक लाया गया। उन्हें जोधपुर जेल में हाई सिक्योरिटी वार्ड में रखा गया है और सीसीटीवी के जरिए 24 घंटे मॉनिटरिंग की जाएगी। उनके मेडिकल जांच के बाद ही उन्हें वार्ड में रखा गया।

सोनम वांगचुक के मामले ने लद्दाख में आंदोलन, सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर बहस को नया आयाम दे दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कानून और सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकना प्राथमिकता है।

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