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Kolkota: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के चुनाव अगले छह महीनों के भीतर संपन्न करा लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि 7 दिसंबर तक नगर निगम में नव निर्वाचित बोर्ड का गठन कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा नगर निगम द्वारा आयोजित एक स्वच्छता अभियान कार्यक्रम के दौरान की। उनके इस बयान के बाद कोलकाता नगर निगम चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। लंबे समय से यह सवाल उठ रहा था कि नगर निगम बोर्ड भंग होने के बाद राज्य सरकार चुनाव कब कराएगी।
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद कोलकाता नगर निगम की राजनीति में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। पूर्व सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस आंतरिक विवादों और लगातार बढ़ती राजनीतिक चुनौतियों के कारण दबाव में आ गई। कई पार्षदों के इस्तीफे और विभिन्न विवादों के बीच तत्कालीन मेयर फिरहाद हकीम ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद निगम प्रशासन संकट में आ गया।
हालांकि नगर निगम का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक निर्धारित है, लेकिन मेयर के इस्तीफे और प्रशासनिक अस्थिरता के चलते बोर्ड को भंग कर दिया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने नगर निगम आयुक्त स्मिता पांडे को प्रशासक नियुक्त कर नगर निकाय का संचालन उनके हाथों में सौंप दिया।
नगर निगम एवं शहरी विकास विभाग ने पहले निगम प्रशासन से नए मेयर के नाम की घोषणा करने को कहा था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई फैसला नहीं हो सका। इसके बाद राज्य सरकार ने बोर्ड को भंग कर प्रशासक नियुक्त करने का निर्णय लिया।
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में हुए पिछले कोलकाता नगर निगम चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 144 में से 137 वार्डों में जीत दर्ज कर भारी बहुमत हासिल किया था। हालांकि विपक्षी दलों ने उस चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए थे।
अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद यह लगभग तय हो गया है कि दिसंबर से पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और 7 दिसंबर तक कोलकाता नगर निगम को नया निर्वाचित बोर्ड मिल जाएगा। ऐसे में आने वाले महीनों में कोलकाता की राजनीति और नगर निगम चुनावों को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

