Koderma News: कोडरमा में मंगलवार को उस समय न्याय की एक मजबूत मिसाल देखने को मिली, जब अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय संजय कुमार चौधरी की अदालत ने गूंगी-बहरी दिव्यांग युवती से दुष्कर्म करने के आरोपी फारुख अंसारी को दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने उस पर ₹25,000 का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं देने पर उसे एक साल अतिरिक्त जेल में बिताने होंगे।

यह मामला वर्ष 2023 का है, जिसने पूरे इलाके में गुस्सा और आक्रोश पैदा कर दिया था। मरकच्चो थाना क्षेत्र से जुड़े इस केस में पीड़िता के पिता ने थाना कांड संख्या 94/2023 दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी ने युवती की शारीरिक दिव्यांगता का फायदा उठाते हुए धमका कर उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।

अभियोजन की दलीलें और अदालत की सख्ती

इस मामले की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने अदालत में सभी नौ गवाहों का परीक्षण कराया। गवाहों की गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों ने आरोपी के खिलाफ मामला मजबूत किया। अभियोजन ने कहा कि ऐसे अपराध समाज पर सीधा हमला हैं, इसलिए आरोपी को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।

वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता तारकेश्वर मेहता ने अदालत में आरोपी के पक्ष में दलीलें पेश कीं, लेकिन अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर इन दलीलों को निरर्थक मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।

न्याय की उम्मीद पर मुहर

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दिव्यांग युवती के साथ इस तरह की अमानवीय हरकत न सिर्फ जघन्य अपराध है, बल्कि समाज की संवेदनाओं को भी झकझोरता है। इसलिए आरोपी को सजा दिए बिना छोड़ा नहीं जा सकता।

इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। कई सामाजिक संगठनों ने भी अदालत के इस फैसले को पीड़िता के लिए न्याय और संवेदनशील मामलों में कठोर कार्रवाई का सही उदाहरण बताया है।

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