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14 साल बाद भी नहीं शुरू हुआ रिश्वत केस, जानिए क्यों

Ranchi News : सोनाहातू के तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) संतोष कुमार सिन्हा पर लगे रिश्वत के आरोपों को 14 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा शुरू नहीं हो पाया है। इस विलंब का मुख्य कारण रांची उपायुक्त कार्यालय

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Ranchi News : सोनाहातू के तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) संतोष कुमार सिन्हा पर लगे रिश्वत के आरोपों को 14 साल हो गए हैं, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा शुरू नहीं हो पाया है। इस विलंब का मुख्य कारण रांची उपायुक्त कार्यालय से अब तक अभियोजन की स्वीकृति न मिलना है।

मामला वर्ष 2011 का है, जब 9 मार्च को वृद्धा पेंशन वितरण के दौरान BSO संतोष कुमार सिन्हा पर यह आरोप लगा कि उन्होंने बिचौलिए जगन्नाथ मछुआ के माध्यम से लाभुकों से 50-50 रुपये रिश्वत वसूली करवाई थी। इस शिकायत पर निगरानी टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को रंगेहाथ पकड़ा था। जांच के दौरान BSO के बैग से 8249 रुपये बरामद किए गए थे।

जांच एजेंसी ने अपनी ओर से चार्जशीट दाखिल कर दी थी, लेकिन अभियोजन स्वीकृति के अभाव में अदालत सिर्फ बिचौलिए के खिलाफ ही संज्ञान ले पाई। आरोपी BSO, जो अब सेवा से सेवानिवृत्त हो चुके हैं, के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी है।

यह मामला रांची स्थित ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) कोर्ट में पिछले 14 वर्षों से लंबित है। हर सुनवाई में केस रिकॉर्ड खोला जाता है और “एवेटिंग सेक्शन ऑर्डर” दर्ज कर अगली तारीख तय कर दी जाती है। इसी क्रम में बुधवार को सुनवाई होनी थी, जिसे अब 27 जुलाई के लिए निर्धारित कर दिया गया है।

जांच अधिकारी ने अभियोजन स्वीकृति के लिए रांची के उपायुक्त को कई बार पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामलों में न्याय में देरी का एक ज्वलंत उदाहरण बन चुका है।

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