Lima, (Peru): दक्षिण अमेरिकी देश पेरू में राष्ट्रपति चुनाव का मुकाबला अपने सबसे दिलचस्प और कड़े दौर में पहुंच गया है। राजधानी लीमा में कंजरवेटिव (रूढ़िवादी) धड़े की दिग्गज उम्मीदवार कीको फुजिमोरी के समर्थकों ने चुनावी अभियान के समापन पर एक विशाल रैली का आयोजन किया। इस अंतिम चुनावी सभा के दौरान हजारों की तादाद में जुटे समर्थक अपनी पार्टी के झंडे लहराते और गगनभेदी नारे लगाते नजर आए। जमीन पर दिखा यह नजारा साफ तौर पर फुजिमोरी के समर्थकों की बेहद संगठित, अनुशासित और उत्साही भागीदारी को बयां कर रहा है, जो कि देश के इस बेहद कांटे के चुनावी मुकाबले में निर्णायक साबित हो सकती है।

Read more: पेरू में राष्ट्रपति चुनाव का रोमांच बढ़ा; लीमा में रॉबर्टो सांचेज की ऐतिहासिक रैली!

लीमा के मुख्य चौक पर आयोजित इस रैली में फुजिमोरी समर्थकों ने अपनी पार्टी के पारंपरिक नारंगी झंडों, बड़े-बड़े पोस्टरों और आक्रामक नारों के साथ अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। राजनीतिक पंडित इस पूरे कार्यक्रम को महज एक चुनावी सभा नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन मान रहे हैं, जिसमें समर्थक अपनी पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में चट्टान की तरह खुलकर खड़े दिखाई दिए।

विवादित और रसूखदार राजनीतिक पृष्ठभूमि

आपको बता दें कि कीको फुजिमोरी पेरू के पूर्व विवादास्पद राष्ट्रपति अल्बर्टो फुजिमोरी की बेटी हैं और वे मौजूदा समय में पेरू की सबसे चर्चित और रसूखदार राजनीतिक हस्तियों में से एक गिनी जाती हैं। कीको फुजिमोरी इससे पहले भी कई बार राष्ट्रपति पद की मजबूत दावेदार रह चुकी हैं। उनके समर्थकों का मानना है कि देश में आर्थिक स्थिरता, सुरक्षा और सख्त शासन व्यवस्था बहाल करने के लिए कीको फुजिमोरी ही सबसे उपयुक्त और एकमात्र विकल्प हैं।

समर्थन के साथ-साथ तीखा विरोध भी जारी

पेरू की राजनीति का सच यह भी है कि कीको फुजिमोरी की उम्मीदवारी को जितना मजबूत जनसमर्थन हासिल है, देश का एक बड़ा वर्ग उनका उतना ही तीखा विरोध भी कर रहा है। राजधानी लीमा में अतीत में कई बार उनके खिलाफ बड़े पैमाने पर जनाक्रोश और रैलियां देखने को मिली हैं। विरोधी लगातार उनके परिवार की पुरानी राजनीतिक विरासत, भ्रष्टाचार के आरोपों और पूर्व शासनकाल के दौरान हुए मानवाधिकारों के हनन (वॉइलेशन) से जुड़े गंभीर सवाल उठाते रहे हैं।

Read more: पेरू में जोस जेरी बने नए राष्ट्रपति, दीना बोलुआर्टे को संसद ने पद से हटाया

इस अंतिम चुनावी रैली से एक बात पूरी तरह साफ हो गई है कि पेरू की राजनीति में कीको फुजिमोरी आज भी एक ऐसी नेता हैं, जो पूरे देश को दो धड़ों (ध्रुवीकरण) में बांट देती हैं। जहां एक तरफ उनके समर्थक उन्हें देश में सकारात्मक बदलाव और कड़े नियंत्रण का चेहरा मानते हैं, वहीं उनके धुर विरोधी उन्हें पेरू के इतिहास की उसी पुरानी और तानाशाही राजनीति की वापसी के रूप में देख रहे हैं।

Share.
Exit mobile version