Jamshedpur News: बुधवार की सुबह कोल्हान में मानो आध्यात्मिक सूर्योदय हो गया। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दिखी। हर घाट पर भजन, मंत्रोच्चारण और दीपों की रौशनी ने माहौल को बेहद पवित्र बना दिया।
दोमुहानी संगम पर लंबी कतारें
गुवा और कारो नदी घाट पर भक्ति का उत्सव
पश्चिमी सिंहभूम के गुवा में भी माहौल बेहद भक्तिमय रहा। कारो नदी के तट पर तड़के से ही लोग उमड़ पड़े। महिलाओं ने केले के पत्तों और कागज की छोटी नावों में दीप जलाकर नदी में छोड़े। हर ओर “हर हर महादेव” और “जय श्री हरि” की ध्वनि गूंज रही थी। स्नान के बाद भक्त कुसुम घाट शिव मंदिर पहुँचे, जहाँ लंबी लाइनें लगी रहीं। शिवलिंग पर दूध, गंगाजल, बेलपत्र अर्पित किए गए।
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प्रशासन की सतर्कता और व्यवस्था
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली थी। पुलिस जवानों की तैनाती, स्वयंसेवक, सफाई अभियान, मेडिकल टीम—सब कुछ पहले से तैयार था। घाटों पर बैरिकेडिंग की गई और ट्रैफिक को सुव्यवस्थित किया गया। सामाजिक संगठनों ने पानी, चाय, प्रसाद और फर्स्ट-एड की व्यवस्था की। कई जगह बच्चे-बुजुर्गों की मदद के लिए विशेष टीमें तैनात थीं।
शाम को दीपों से जगमगा उठा कोल्हान
सूरज ढलते ही घाटों का नजारा स्वर्ग जैसा हो गया। नदी की लहरों में तैरते दीप ऐसे लग रहे थे जैसे आसमान के तारे पानी पर उतर आए हों। भजन, आरती और शंखध्वनि ने वातावरण को दिव्यता से भर दिया। कार्तिक पूर्णिमा का यह पावन दिन भक्ति, अनुशासन और भारतीय परंपरा का सुंदर संगम बन गया।



