Karachi, Pakistan: पाकिस्तान के कराची शहर से एक बेहद हैरान करने वाला कानूनी मामला सामने आया है। कराची में हुए एक भीषण अग्निकांड की जांच कर रही स्थानीय पुलिस ने अदालत में जो आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया है, उसमें एक 11 वर्षीय मासूम बच्चे को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसी साल जनवरी महीने में गुल प्लाजा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में हुए इस भीषण हादसे में 72 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों दुकानें जलकर पूरी तरह राख हो गई थीं। अब यह पूरा मामला कानूनी और न्यायिक प्रक्रिया के तहत कोर्ट में आगे बढ़ रहा है।
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माचिस से खेल
अभियोजन पक्ष और पुलिस जांच के मुताबिक, यह दर्दनाक घटना कराची के सदर इलाके में स्थित एम.ए. जिन्ना रोड पर गुल प्लाजा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में घटित हुई थी। आग इतनी भयानक थी कि इस पर पूरी तरह काबू पाने में दमकल विभाग और रेस्क्यू टीमों को करीब एक सप्ताह का समय लग गया था। पुलिस का आरोप है कि हादसे के वक्त बच्चे के पिता दुकान पर मौजूद नहीं थे और 11 साल का बच्चा अकेले ही दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान वह माचिस की तीलियों से खेल रहा था, जिससे निकली एक चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरी बहुमंजिला इमारत आग की लपटों में घिर गई।
6 आरोपी फरार
पुलिस द्वारा अदालत में पेश की गई चार्जशीट में 11 वर्षीय बच्चे के साथ-साथ उसके पिता और गुल प्लाजा मैनेजमेंट कमेटी के चार अन्य वरिष्ठ सदस्यों को भी नामजद किया गया है। प्रबंधन से जुड़े आरोपियों में तनवीर पास्ता, अमर इस्माइल, मोहम्मद रमजान और मोहम्मद अमीन शामिल हैं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि हादसे के तुरंत बाद से ही ये सभी आरोपी मौके से फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने कुल 42 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिसमें एक 13 वर्षीय चश्मदीद बच्चे का बयान भी शामिल है।
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इस भीषण अग्निकांड की चपेट में आने से 72 बेकसूर लोगों ने अपनी जान गंवाई थी, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से झुलस गए थे। इसके अलावा कॉम्प्लेक्स के भीतर स्थित लगभग 1153 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई थीं, जिससे व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जांच रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में अग्निशमन (फायर फाइटिंग) सुरक्षा उपायों की भारी कमी थी और इमरजेंसी गेट्स पर ताले लटके हुए थे, जिसे कोर्ट की सुनवाई का मुख्य आधार बनाया गया है।




