Sports News: एफआईएच हॉकी पुरुष जूनियर वर्ल्ड कप 2025 में मेजबान भारत ने अभूतपूर्व वापसी करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। बुधवार को मेयर राधाकृष्णन स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने अर्जेंटीना को 4-2 से शिकस्त दी। मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट अंतिम 11 मिनट रहे, जब भारत ने पिछड़ने के बावजूद सभी चार गोल दागकर मुकाबला पलट दिया।

जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप: 2-0 से पिछड़ने के बाद भारत ने कैसे किया चमत्कार?

यह पहली बार है जब भारत ने जूनियर वर्ल्ड कप में ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इससे पहले, टीम इंडिया 2001 और 2016 में गोल्ड और 1997 में सिल्वर मेडल जीत चुकी है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद, हॉकी इंडिया ने तुरंत एक्शन लेते हुए प्रत्येक खिलाड़ी को 5 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ को 2.5 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

शुरुआती डिफेंस की कमजोरी और फिर पलटवार

मुकाबले की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। तीसरे ही मिनट में अर्जेंटीना ने निकोलस रोड्रिगेज के पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलकर 1-0 की बढ़त बना ली। मेजबान टीम ने पहले हाफ में दबाव बनाने की कोशिश की, दिलराज सिंह ने कुछ शानदार मौके बनाए, लेकिन अर्जेंटीना के मजबूत डिफेंस को भेद नहीं पाई।

दूसरे और तीसरे क्वार्टर में भी भारत को संघर्ष करना पड़ा। कई पेनल्टी कॉर्नर बेकार गए। इस बीच, अर्जेंटीना ने सैंटियागो फर्नांडीज (44वें मिनट) के गोल से अपनी बढ़त 2-0 कर दी। तीसरे क्वार्टर के अंत तक भारत पर हार का साया मंडरा रहा था।

अंतिम 11 मिनट में गोलों की बौछार

आखिरी क्वार्टर में, जब मुकाबला खत्म होने में सिर्फ 11 मिनट बाकी थे, भारत का आक्रामक खेल शुरू हुआ। 49वें मिनट में अनमोल एक्का के शानदार सेटअप पर अंकित पाल ने गोल कर स्कोर 2-1 किया। इसके कुछ ही मिनटों बाद, 52वें मिनट में मनमीत सिंह ने अनमोल एक्का के पास का फायदा उठाते हुए गोल दागकर स्कोर 2-2 से बराबर कर दिया।

असली रोमांच 57वें मिनट में आया, जब भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। शारदानंद तिवारी ने बिना कोई गलती किए गोल किया और भारत को 3-2 की अहम बढ़त दिलाई। हताश अर्जेंटीना ने गोलकीपर को हटाकर अतिरिक्त खिलाड़ी के साथ खेलने का जोखिम लिया, जिसका फायदा उठाते हुए अनमोल एक्का ने 58वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत का ब्रॉन्ज मेडल 4-2 से पक्का कर दिया। यह वापसी भारतीय जूनियर हॉकी के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई है।

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