रांची: JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया। रविवार को सरकार के साथ हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी विधानसभा घेराव के लिए सड़कों पर उतरे।
अगस्त 2019 में नए विधानसभा भवन के बनने के बाद यह पहली बार है, जब प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा पार कर विधानसभा भवन के करीब 200 मीटर तक पहुंच गए।
जगन्नाथपुर मंदिर के पास छात्रों और पुलिस में झड़प
सोमवार सुबह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों का मार्च शुरू हुआ। हाथों में तिरंगा, पोस्टर और बैनर लिए छात्र विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। जगन्नाथपुर मंदिर के पास पुलिस की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग को छात्रों ने तोड़ दिया।
इसके बाद छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान एक पुलिसकर्मी के सिर में चोट लगी। उसे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज कराया जा रहा है।
विधानसभा से 200 मीटर दूर धरने पर बैठे छात्र
पुलिस की ओर से आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद बड़ी संख्या में छात्र विधानसभा से करीब 200 मीटर दूर सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन करने लगे। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारी सुरक्षा व्यवस्था को पार कर विधानसभा परिसर के अंदर तक पहुंच गए।
मौके पर पहुंचे विधायक और छात्र नेता जयराम महतो ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए आंदोलन को लेकर उनसे चर्चा की।
कई राज्यों से रांची पहुंचे अभ्यर्थी
आंदोलन में शामिल छात्रों का दावा है कि झारखंड के सभी जिलों के अलावा बिहार, छत्तीसगढ़ और अन्य पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी रांची पहुंचे हैं।
छात्रों का कहना है कि JPSC और JSSC की भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।




