Ranchi : झारखंड की बेटी मालती हेम्ब्रम ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य और देश का मान बढ़ाया है। पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी प्रखंड की रहने वाली और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची की प्रतिभाशाली छात्रा मालती हेम्ब्रम ने जर्मनी के बर्लिन में आयोजित प्रतिष्ठित Germany-India Summit (G2C-2025) में भारत का प्रतिनिधित्व किया।

6 और 7 अक्टूबर को आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में मालती ने भारत के युवाओं की आवाज़ बनकर देश के संवैधानिक मूल्यों, शिक्षा, प्रशासनिक पारदर्शिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने मंच से यह संदेश दिया कि भारत का आदिवासी समुदाय देश की प्रगति और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उनकी प्रस्तुति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर खूब सराहना मिली।

मालती की इस अद्भुत उपलब्धि को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें बधाई दी और दिवाली की शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। मुख्यमंत्री ने फोन पर मालती से बातचीत करते हुए कहा कि “आपकी मेहनत और उपलब्धि पर पूरे झारखंड को गर्व है। राज्य सरकार आपकी हर संभव सहायता और सहयोग के लिए तत्पर है।”

मुख्यमंत्री की इस सराहना से मालती और उनका परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री की सादगी और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए उन्होंने मालती के परिवार को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार प्रतिभाशाली युवाओं को हर मंच पर आगे बढ़ने का अवसर देती रहेगी।

मालती के सम्मान में मुसाबनी प्रखंड के झामुमो वरीय नेता कुणाल षड़ंगी, अध्यक्ष प्रधान सोरेन, हरीश भगत और कई पार्टी कार्यकर्ता उनके आवास पहुंचे। इस अवसर पर मालती को दीपावली की शुभकामनाएँ दी गईं और उन्हें प्रभु जगन्नाथ की मूर्ति भेंट कर सम्मानित किया गया।

मालती ने कहा कि वह अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और झारखंड की माटी को देती हैं। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि राज्य के अधिक से अधिक युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने विचारों और प्रतिभा से भारत का नाम रोशन करें।

मालती की यह उपलब्धि झारखंड के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा उनकी सराहना ने न केवल उनका उत्साह बढ़ाया है, बल्कि राज्य में प्रतिभा को सम्मान देने की सरकार की प्रतिबद्धता को भी एक बार फिर साबित किया है।

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