रांची। विश्व आदिवासी दिवस के मौके पर राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में दो दिवसीय झारखंड आदिवासी महोत्सव 2026 का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
महोत्सव में झारखंड की आदिवासी संस्कृति, कला, परंपरा और लोक विरासत की झलक देखने को मिल रही है। कार्यक्रम में पारंपरिक नृत्य और संगीत के साथ कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। इस बार महोत्सव में 600 से अधिक कलाकारों के शामिल होने की जानकारी है।
मुंडारी, कुड़ुख, संथाली, हो और खड़िया जनजातियों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा पंचपरगनिया, कुरमाली, नागपुरी और खोरठा भाषाओं में भी नृत्य और संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महोत्सव में पारंपरिक खान-पान, आदिवासी परिधान और कला-शिल्प से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं। आदिवासी साहित्य और पुस्तकों के लिए पुस्तक मेला भी आयोजित किया गया है। इसके अलावा फिल्मों और वृत्तचित्रों की स्क्रीनिंग, फैशन शो समेत कई अन्य कार्यक्रम होंगे।
महोत्सव के दौरान रात में ड्रोन शो भी आयोजित किया जाएगा, जो कार्यक्रम का खास आकर्षण रहेगा। महोत्सव का समापन 10 अगस्त को शाम 4:30 बजे होगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि आदिवासी महोत्सव केवल संस्कृति और परंपरा का उत्सव नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज के अस्तित्व, पहचान और अधिकारों के प्रति संकल्प का भी उत्सव है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन के साथ आदिवासी पहचान की रक्षा को आने वाली पीढ़ियों के लिए जरूरी बताया।
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