अपनी भाषा चुनेें :
बटन दबाकर थोड़ा इंतज़ार करें...
Ranchi News: झारखंड की पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत, केंद्र ने राज्य के लिए 275.1253 करोड़ रुपये की पहली किस्त को मंजूरी देते हुए इसे जारी कर दिया है। यह भारी-भरकम राशि प्रदेश के सभी 24 जिलों की 4,342 ग्राम पंचायतों और 253 प्रखंडों के लिए संजीवनी का काम करेगी। ग्रामीण विकास के रुके हुए कार्यों को गति देने और स्थानीय निकायों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह वित्तीय वर्ष 2024-25 का पहला बड़ा आवंटन है।
स्वच्छता और पेयजल पर रहेगा जोर; बुनियादी सुविधाओं के लिए होगा फंड का इस्तेमाल
केंद्र सरकार के इस फंड का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर को बेहतर बनाना है। पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय के समन्वय से जारी इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से स्वच्छता प्रबंधन, गांवों को ‘ओडीएफ प्लस’ (खुले में शौच मुक्त) बनाए रखने और कचरा प्रबंधन के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और पुराने जल स्रोतों के पुनर्चक्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों पर यह पैसा खर्च होगा।
दो किस्तों में मिलता है अनुदान; पारदर्शिता के साथ होगा खर्च
सरकारी नियमों के अनुसार, वित्त आयोग का यह अनुदान साल में दो बराबर किस्तों में जारी किया जाता है। पहली किस्त के तौर पर 275 करोड़ रुपये मिलने के बाद अब स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर इसकी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बड़ी जिम्मेदारी है। केंद्र सरकार की यह पहल झारखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा मजबूत करने और गांवों में विकास की नई इबारत लिखने में मददगार साबित होगी।
इस खबर को भी पढ़ें : केंद्र सरकार माफ करेगी झारखंड का ₹13,299 करोड़ का बकाया? हेमन्त सोरेन ने केंद्र से क्या मांगा?
आवंटित अनुदान एक वित्तीय वर्ष में दो किस्तों में जारी किए जाते हैं। राशि का उपयोग स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त स्थिति का रखरखाव, जिसमें घरेलू अपशिष्ट प्रबंधन एवं उपचार, पेयजल आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण आदि बुनियादी सेवाओं के लिए किया जा सकता है।

