Ranchi : शहरी गरीबों के लिए बनाए गए फ्लैटों पर अवैध कब्जे को लेकर झारखंड उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान रांची नगर निगम को स्पष्ट निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर मधुकम खादगढ़ा और रूगड़ीगाढ़ा स्थित फ्लैटों से सभी अवैध कब्जे हटाए जाएं।

अदालत ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि सरकारी मशीनरी इतने दिनों तक क्या कर रही थी। कोर्ट ने सवाल उठाया कि “क्या सरकारी मशीनरी सो गई थी? फ्लैटों पर यह कब्जा अचानक नहीं हुआ होगा, यह लंबे समय से चल रहा है, फिर भी निगम ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की?”

न्यायालय ने यह भी कहा कि इस तरह की लापरवाही से कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ रही हैं। साथ ही कोर्ट ने यह निर्देश भी दिया कि जिन लोगों ने अवैध रूप से कब्जा किया है, उन्हें किसी प्रकार की सरकारी सुविधा नहीं दी जानी चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश ने संबंधित अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने रांची नगर निगम से एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटाने की रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।

Share.
Exit mobile version