रांची : बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के सभी गेट बंद होने और उत्पादन ठप होने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। रविवार को मामले की विशेष सुनवाई करते हुए जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने बोकारो के उपायुक्त (DC) को तुरंत सभी गेट खुलवाने का निर्देश दिया। साथ ही कर्मचारियों की प्लांट में आवाजाही और कामकाज सामान्य करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।
रविवार को हाईकोर्ट में हुई विशेष सुनवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई की। इस दौरान बोकारो के उपायुक्त ऑनलाइन माध्यम से अदालत में उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे पूरे मामले में जवाब भी मांगा। वहीं, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा ने पक्ष रखा।
प्लांट के अंदर फंस गए थे करीब 3 हजार कर्मचारी
जानकारी के अनुसार, आंदोलनकारियों ने बोकारो स्टील प्लांट के मुख्य गेट समेत अन्य प्रवेश द्वारों को बंद कर दिया था। इसके कारण करीब 3 हजार कर्मचारी प्लांट के अंदर ही फंस गए थे।
गेट बंद होने से कर्मचारियों की आवाजाही रुक गई थी। इसके साथ ही प्लांट में उत्पादन और माल की ढुलाई भी पूरी तरह ठप हो गई थी।
धारा 144 लगाकर प्रशासन ने खाली कराए गेट
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद रविवार को बोकारो जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर प्रदर्शनकारियों को प्लांट के गेट से हटा दिया। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बाद सभी गेट खुलवा दिए गए।
इसके बाद प्लांट के अंदर फंसे करीब 3 हजार कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गेट खुलने के बाद स्थिति सामान्य हो गई है।
28 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो स्टील प्लांट में कर्मचारियों की आवाजाही और कामकाज सुचारू रखने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी।




