Ranchi : मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्यहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में ग्रामीण विकास, सिंचाई, सड़क निर्माण, शिक्षा, खेल और सामाजिक कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति दी गई।

सबसे अहम निर्णयों में कैम्बो मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को लेकर मंजूरी शामिल है। इस योजना के तहत रांची जिले के मांडर एवं चान्हो प्रखंड के आंशिक भूभाग में भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस परियोजना पर 236.20 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मददगार होगी।

मंत्रिपरिषद ने 45-घाटशिला विधानसभा उपचुनाव के संचालन हेतु 7.84 करोड़ रुपये आकस्मिक निधि से अग्रिम स्वीकृति प्रदान की। साथ ही राज्य सरकार ने VIP/VVIP उड़ान कार्यक्रमों को सुचारू रूप से संपादित करने के लिए Bell-429 हेलीकॉप्टर सेवा को अगले 6 माह तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा एक अहम निर्णय भी लिया गया। डॉ. रंजित प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षक, ईटकी आरोग्यशाला-सह-निदेशक, एसटीडीसी के अपील अभ्यावेदन पर मंत्रिपरिषद ने निर्णय की स्वीकृति प्रदान की।

राज्य में स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने के लिए Jharkhand State Allied and Healthcare Council Rules, 2025 के गठन को मंजूरी दी गई। यह कदम स्वास्थ्य क्षेत्र के नियमन और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ियों सलीमा टेटे और निक्की प्रधान को राज्य सरकार ने बड़ा सम्मान दिया। झारखंड आवास बोर्ड द्वारा आवंटित भूखंडों के निबंधन शुल्क और मुद्रांक शुल्क से उन्हें पूर्ण छूट दी गई है।

दुमका जिले में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने हेतु दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। पहली परियोजना बरमसिया पीडब्ल्यूडी पथ से शहरघाटी पथ (लंबाई 8.13 किमी) के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण हेतु 44.93 करोड़ रुपये। वहीं दूसरी परियोजना करमाटांड से भोगतानडीह पथ (7.775 किमी) के लिए 35.81 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना के तहत गरीबों को मिलने वाली सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है। अब IAP क्षेत्र में 2 लाख रुपये और Non-IAP क्षेत्र में भी 2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पहले यह राशि क्रमशः 1.30 लाख और 1.20 लाख रुपये थी। इससे ग्रामीण गरीबों को आवास निर्माण में बड़ी राहत मिलेगी।

मंत्रिपरिषद ने प्रखण्ड कल्याण पर्यवेक्षक पद पर प्रोन्नति से संबंधित पुराने विवादों को भी सुलझाते हुए W.P.(S) No. 6611/2018 मामले में संबंधित कर्मचारियों के वेतनमान में संशोधन की मंजूरी दी। वहीं, झारखंड विधानसभा के तृतीय (मानसून) सत्र के सत्रावसान को भी मंत्रिपरिषद ने औपचारिक स्वीकृति दी।

राज्य सरकार ने “झारखंड राज्य बहुद्देशीय कर्मी (Multi Purpose Staff)” नियमावली, 2025 के गठन की भी स्वीकृति प्रदान की, जिससे ग्रामीण स्तर पर कार्यरत कर्मियों की भर्ती और सेवा शर्तें स्पष्ट होंगी। अंततः, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीन राजकीय अभियंत्रण और पॉलीटेक्निक कॉलेजों में कार्यरत 01.01.2016 से पूर्व सेवानिवृत्त या मृत शिक्षकों के पेंशन और पारिवारिक पेंशन पुनरीक्षण को भी मंजूरी दी गई। इन सभी निर्णयों से स्पष्ट है कि झारखंड सरकार विकास, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में ठोस कदम उठा रही है।

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